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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने दूसरे कार्यकाल के चार साल पूरे होने के अवसर पर प्रदेशवासियों को विकास का बड़ा उपहार दिया है। राजधानी के परेड ग्राउंड में आयोजित "जन-जन की सरकार, चार साल बेमिसाल" कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ₹401.86 करोड़ की कुल 74 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ये योजनाएं केवल आंकड़े नहीं, बल्कि राज्य के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के जीवन में सुधार लाने का माध्यम हैं।

विकास का गणित: लोकार्पण और शिलान्यास की पूरी तस्वीर

मुख्यमंत्री ने विकास की गति को रफ्तार देते हुए दो हिस्सों में इन परियोजनाओं की सौगात दी:

लोकार्पण: ₹302.42 करोड़ की लागत वाली 41 योजनाओं को जनता को समर्पित किया गया। ये वे कार्य हैं जो अब पूरे हो चुके हैं और जनता इनका लाभ उठा सकेगी।

शिलान्यास: ₹99.44 करोड़ की लागत वाली 33 नई योजनाओं की आधारशिला रखी गई, जिन पर काम जल्द शुरू होगा।

स्वच्छता और पर्यावरण: नमामि गंगे और सीवर लाइनों पर जोर

राजधानी देहरादून को साफ-सुथरा बनाने और नदियों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री ने बड़े कदम उठाए हैं।

नमामि गंगे: सपेरा बस्ती में लगभग ₹79 करोड़ की लागत से 15 एमएलडी क्षमता के एसटीपी (STP) निर्माण का लोकार्पण किया गया।

सीवर नेटवर्क: आराघर चौक से मोथरोवाला और सहारनपुर चौक से पथरीबाग तक करोड़ों की लागत से ट्रंक सीवर लाइनें बिछाई गई हैं, जिससे शहर की जल निकासी व्यवस्था में सुधार होगा।

जलोत्सारण: इंदिरानगर आवास विकास कॉलोनी और ओम सिटी जैसे क्षेत्रों के लिए विशेष सीवर और जल निकासी योजनाएं शुरू की गई हैं।

शिक्षा और स्वास्थ्य: मजबूत होता इंफ्रास्ट्रक्चर

मुख्यमंत्री ने युवाओं के भविष्य और जनता के स्वास्थ्य को अपनी प्राथमिकता बताया।

मानसिक स्वास्थ्य: सेलाकुई स्थित मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में ₹27.47 करोड़ की लागत से 100 बेड वाले अस्पताल और आवासीय भवनों का लोकार्पण हुआ।

स्कूली शिक्षा: डोईवाला, सहसपुर, विकासनगर और कालसी समेत कई दुर्गम क्षेत्रों के राजकीय इंटर कॉलेजों में नए भवनों का निर्माण किया गया है।

प्राथमिक स्वास्थ्य: छिद्दरवाला में नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण से स्थानीय लोगों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।

कृषि, सिंचाई और बाढ़ सुरक्षा: किसानों और ग्रामीणों को राहत

पहाड़ और मैदान के किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सिंचाई और बाढ़ सुरक्षा पर विशेष फोकस रहा:

नहरों का जीर्णोद्धार: चकराता, कालसी, सहसपुर और विकासनगर की दर्जनों पुरानी नहरों के पुनरुद्धार और मरम्मत के लिए करोड़ों रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

बाढ़ सुरक्षा: अमलावा और टॉस जैसी नदियों से होने वाले कटाव को रोकने के लिए पुरानी कालसी और त्यूनी जैसे क्षेत्रों में बाढ़ सुरक्षा दीवारें बनाई गई हैं।

पशुपालन: ऋषिकेश के पशुलोक में हीफर रियरिंग फार्म के अतिरिक्त निर्माण कार्यों का लोकार्पण कर पशुपालकों को बड़ी राहत दी गई है।

सड़कों का जाल: सुगम होगा सफर

राजपुर रोड, डोईवाला, ऋषिकेश और चकराता विधानसभा क्षेत्रों में आंतरिक मार्गों के डामरीकरण और इंटरलॉकिंग टाइल्स द्वारा सुधारीकरण के दर्जनों कार्यों का लोकार्पण हुआ। इसमें जगतपुर-दुधई और मुंशीघाटी-ध्वैरा जैसे महत्वपूर्ण मोटर मार्गों का अपग्रेडेशन शामिल है, जिससे ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।