img

Prabhat Vaibhav,Digital Desk : राज्य सरकार की मुख्यमंत्री उद्यमी योजना युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रभावी साबित हो रही है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है।

वर्ष 2024-25 में जिले के 61 लाभुकों का चयन किया गया है, जिनके खाते में योजना की पहली किस्त जारी कर दी गई है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक लाभुक को कुल दो लाख रुपये की सहायता तीन चरणों में प्रदान की जाती है, जिससे वे अपना स्वरोजगार स्थापित कर सकें।

उपकरण खरीद के लिए मिली पहली किस्त

चयनित लाभुकों को व्यवसाय से संबंधित मशीन, उपकरण और अन्य आवश्यक सामग्री खरीदने के लिए पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये दिए गए हैं। इसके बाद सभी लाभुकों को इस माह के अंत तक प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे अपने उद्योग को सही ढंग से संचालित कर सकें।

प्रशिक्षण पूरा होने के बाद कच्चे माल (रॉ मटेरियल) की खरीद के लिए दूसरी किस्त के रूप में एक लाख रुपये दिए जाएंगे। सभी औपचारिकताएं पूरी होने पर अंतिम चरण में 50 हजार रुपये की तीसरी किस्त भी जारी की जाएगी।

ऑनलाइन आवेदन से होता है चयन

इस योजना का लाभ लेने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवा उद्योग विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्राप्त होने के बाद अनुश्रवण समिति द्वारा जांच की जाती है। पात्र पाए गए आवेदकों का चयन कंप्यूटरीकृत रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है।

चयन के बाद लाभुकों के बैंक खाते में रोजगार शुरू करने के लिए पहली किस्त जारी की जाती है। इससे पहले वर्ष 2023-24 में 44 लाभुकों को इस योजना का लाभ मिल चुका है।

62 प्रकार के उद्योगों में मिलेगा मौका

मुख्यमंत्री लघु उद्यमी योजना के तहत लाभुक 62 प्रकार के उद्योग स्थापित कर सकते हैं। इसमें खाद्य प्रसंस्करण उद्योग जैसे आटा, सत्तू, बेसन, नमकीन, जैम, जैली, सॉस, नूडल्स, पापड़, अचार और मुरब्बा निर्माण शामिल हैं।

इसके अलावा फर्नीचर उद्योग में बढ़ईगिरी, बांस व बेंत के सामान, नाव निर्माण, सीमेंट जाली, दरवाजा-खिड़की, पीओपी सामग्री, डिटर्जेंट पाउडर, बिंदी, मेंहदी, मोमबत्ती, कृषि उपकरण, गेट-ग्रिल, मधुमक्खी पालन बॉक्स, आभूषण, स्टील बॉक्स, लोहार कार्य, पंखा व स्टेबलाइजर निर्माण जैसे उद्योग शामिल हैं।

सेवा क्षेत्र में सैलून, ब्यूटी पार्लर, ढाबा, रेडीमेड वस्त्र, चमड़े के जूते-चप्पल, चूड़ी और मिट्टी के बर्तन जैसे उद्योग भी लगाए जा सकते हैं।

जिला उद्योग केंद्र के महानिदेशक सहदेव दास ने बताया कि 61 लाभुकों का चयन कर पहली किस्त जारी की जा चुकी है। प्रशिक्षण और उपकरण खरीद के बाद उन्हें दूसरी किस्त भी प्रदान की जाएगी।