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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पिछले नौ वर्षों में 'ईज ऑफ लिविंग' (Ease of Living) के मोर्चे पर एक नई परिभाषा गढ़ी है। सुशासन और पारदर्शी कार्यप्रणाली के दम पर राज्य ने स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के बुनियादी ढांचे में ऐसा क्रांतिकारी सुधार किया है कि अब यहां के नागरिकों को इन मूलभूत सुविधाओं के लिए दिल्ली या मुंबई जैसे महानगरों की ओर पलायन करने की मजबूरी लगभग खत्म हो गई है।

स्वास्थ्य क्षेत्र: 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज' का सपना सच

वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश के चिकित्सा ढांचे में जो विस्तार हुआ है, वह अभूतपूर्व है।

मेडिकल कॉलेजों की संख्या: प्रदेश में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 81 हो गई है।

सीटों में वृद्धि: वर्तमान में 13,600 एमबीबीएस और 6,866 पीजी सीटों पर प्रवेश हो रहा है, जिससे भविष्य में डॉक्टरों की कमी पूरी होगी।

हर जिले में इलाज: 'वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज' के लक्ष्य के साथ अब गंभीर बीमारियों का इलाज स्थानीय स्तर पर ही सुलभ कराया जा रहा है।

शिक्षा का 'कायाकल्प': डीबीटी से छात्रों को सीधा लाभ

शिक्षा के क्षेत्र में 'ऑपरेशन कायाकल्प' एक गेम-चेंजर साबित हुआ है।

स्कूलों का नवीनीकरण: 1.32 लाख से अधिक सरकारी विद्यालयों की सूरत बदली गई है।

स्मार्ट क्लास: हजारों स्कूलों में आईसीटी (ICT) लैब और स्मार्ट क्लास स्थापित की गई हैं।

पारदर्शिता: 1.30 करोड़ से अधिक छात्रों को यूनिफॉर्म, जूते और बैग की धनराशि सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से भेजी जा रही है।

रोजगार और कौशल: 26 लाख युवाओं को नई उड़ान

युवाओं को केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि हुनरमंद बनाने पर भी सरकार का विशेष जोर है।

कौशल विकास: यूपी कौशल विकास मिशन (UPSDM) के तहत 26 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

ODOP योजना: 'एक जिला एक उत्पाद' योजना ने स्थानीय कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय बाजार दिलाकर स्वरोजगार के लाखों नए अवसर पैदा किए हैं।

सामाजिक सुरक्षा: पेंशन में भारी बढ़ोतरी का एलान

गरीबों और वंचितों के लिए योगी सरकार एक मजबूत सुरक्षा कवच बनकर उभरी है।

पेंशन का लाभ: 67.50 लाख वृद्धजनों और 11.57 लाख दिव्यांगों को सीधे पेंशन मिल रही है।

बड़ी घोषणा: पेंशन की राशि ₹300 से बढ़ाकर पहले ₹1000 की गई थी, जिसे अब अप्रैल 2026 से ₹1500 प्रति माह कर दिया जाएगा।

मुफ्त राशन और आवास: 15 करोड़ लोगों को मुफ्त खाद्यान्न और 62 लाख से अधिक गरीबों को पक्का आवास उपलब्ध कराया गया है।

महिला सशक्तिकरण: 18 लाख से अधिक 'लखपति दीदियां'

'आधी आबादी' को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश ने देशभर में मिसाल पेश की है।

स्वयं सहायता समूह: 1.06 करोड़ महिलाएं ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी हैं, जिनमें से 18.55 लाख महिलाएं 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं।

बेटियों को संबल: 'मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना' से 26.81 लाख बेटियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

डिजिटल गवर्नेंस: 'ई-साथी ऐप' और ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर कनेक्टिविटी से सरकारी सेवाएं अब भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी तरीके से लोगों के मोबाइल तक पहुंच रही हैं।