Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मोक्ष नगरी गयाजी की पावन धरती शुक्रवार को श्रद्धा, आंसुओं और स्मृतियों की साक्षी बनी, जब महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजित पवार को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की गई। फल्गु नदी के तट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अस्थि विसर्जन और पिंडदान संपन्न हुआ, जहां हर आंख नम और हर मन शोक में डूबा नजर आया।
एनसीपी के राष्ट्रीय सचिव राणा रणवीर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक और गणमान्य लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में दिवंगत नेता को याद किया और उनके योगदान को नमन किया।
वैदिक विधि से अस्थि विसर्जन और पिंडदान
श्रद्धांजलि सभा के दौरान पहले दिवंगत आत्मा की शांति के लिए विधिवत हवन और प्रार्थना की गई। इसके बाद पूरे धार्मिक रीति-रिवाज और मंत्रोच्चार के साथ स्व. अजित पवार की अस्थियों का फल्गु नदी में विसर्जन किया गया। अस्थि विसर्जन के उपरांत परंपरा के अनुसार पिंडदान भी संपन्न हुआ, जिसने पूरे माहौल को और भी भावुक बना दिया।
परिवार की इच्छा के अनुसार हुआ धार्मिक अनुष्ठान
राणा रणवीर सिंह ने बताया कि अस्थि कलश राष्ट्रवादी युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरज शर्मा को सौंपा गया था, जिसे परिवार की ओर से महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, उनके पुत्र पार्थ पवार और जय पवार ने सौंपा। परिवार की इच्छा के अनुसार देश की पवित्र नदियों में अस्थि विसर्जन किया जा रहा है, उसी क्रम में गयाजी में यह धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ।
इससे पहले अस्थि कलश का शहर भ्रमण भी कराया गया, ताकि समर्थक अंतिम दर्शन कर अपने प्रिय नेता को श्रद्धांजलि दे सकें। रास्ते भर लोगों ने फूल अर्पित किए और अजित पवार अमर रहें जैसे नारों से माहौल गूंज उठा।
पूरे कार्यक्रम के दौरान शोक, सम्मान और श्रद्धा का भाव स्पष्ट रूप से झलकता रहा। गयाजी की पवित्र भूमि ने एक बार फिर एक जननेता को दी गई अंतिम विदाई को अपने आंचल में समेट लिया।




