Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार विधानसभा का मौजूदा बजट सत्र इस बार अपनी पारंपरिक बहसबाजी के बजाय विजनरी और राष्ट्रव्यापी मुद्दों के लिए चर्चा में है। प्रश्नकाल के दौरान विधायकों ने केवल अपने क्षेत्र की सड़कों या नालियों तक सीमित न रहकर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक सुरक्षा जैसे उन विषयों को प्रमुखता से उठाया, जो आज पूरे देश की चिंता बने हुए हैं। सदन में कई बार ऐसा भी देखने को मिला जब जनता के हितों के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष ने मतभेदों को भुलाकर एक सुर में अपनी आवाज बुलंद की।
डिजिटल पीढ़ी की चिंता: बच्चों के 'स्क्रीन टाइम' पर बनेगी नई पॉलिसी
सदन में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बच्चों में बढ़ते मोबाइल के इस्तेमाल और 'स्क्रीन टाइम' का गंभीर मुद्दा उठाया गया। विधायकों ने पूछा कि आने वाली पीढ़ी को डिजिटल लत से बचाने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है?
सरकार का जवाब: सरकार ने इस चिंता को जायज ठहराते हुए घोषणा की कि बच्चों के स्क्रीन टाइम को नियंत्रित करने और उन्हें जागरूक करने के लिए जल्द ही एक ठोस राज्य नीति (Policy) लाई जाएगी।
रिटायर्ड कर्मियों और EWS छात्रों के लिए बड़ी मांग
विधानसभा में इस बार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सेवानिवृत्त कर्मचारियों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के हक में भी सवाल दागे गए:
कैशलेस इलाज: विधायकों ने मांग की कि रिटायर्ड कर्मियों को CGHS की तर्ज पर 'कैशलेस इलाज' की सुविधा मिलनी चाहिए। सरकार ने संकेत दिए कि उन्हें इस व्यवस्था को लागू करने में कोई आपत्ति नहीं है।
EWS आरक्षण: सामान्य वर्ग के गरीब छात्रों (EWS) को अन्य आरक्षित वर्गों की तरह परीक्षा में 5 अंक का ग्रेस और उम्र सीमा में छूट देने का विषय कई दिनों तक सदन में छाया रहा।
खेती, महिला सुरक्षा और शहरी कचरे पर मंथन
प्रश्नकाल के दौरान बिहार की जमीनी हकीकत से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय भी आए:
किसानों की समस्या: बिहार राज्य बीज निगम द्वारा कोल्ड स्टोरेज में आलू के बीजों का भंडारण बंद करने का मामला उठा, जिससे किसानों को बीज मिलने में हो रही परेशानी पर चर्चा हुई।
आशा कार्यकर्ता: राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ 'आशा कार्यकर्ताओं' के लिए विश्राम कक्ष (Rest Room) की व्यवस्था का मुद्दा भी संवेदनशीलता के साथ उठाया गया।
पर्यावरण (मियावाकी तकनीक): नगर निकायों में हरित आवरण बढ़ाने के लिए 'मियावाकी तकनीक' (Miyawaki Technique) से पौधरोपण का सुझाव दिया गया, ताकि शहरों को 'कचरे के पहाड़' और प्रदूषण से मुक्ति मिल सके।
जब एक हुए पक्ष और विपक्ष: क्षेत्र विकास निधि और बिजली के तार
सदन में दो ऐसे मौके आए जब सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक पूरी तरह एकजुट दिखे:
विधायक निधि: 'मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना' की राशि को बढ़ाने के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर सभी विधायकों ने एक स्वर में सहमति जताई।
बिजली के तार: घरों की छतों के ऊपर से गुजर रहे हाई-वोल्टेज बिजली के तारों को हटाने और लोगों को सुरक्षा देने के मुद्दे पर भी सदन पूरी तरह से एकजुट नजर आया।




