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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार के समस्तीपुर जिले में चीनी उद्योग (Sugar Industry) को पुनर्जीवित करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। जिले में एक नई और आधुनिक चीनी मिल स्थापित करने की योजना पर काम शुरू हो गया है। इसके लिए विभाग ने जिला प्रशासन से विस्तृत प्रस्ताव मांगा है। प्रशासन अब ऐसी 100 एकड़ जमीन और 40 हजार एकड़ गन्ना खेती योग्य क्षेत्र (Catchment Area) की तलाश में जुट गया है, जो इस बड़ी परियोजना के लिए अनिवार्य है।

तीन सदस्यीय कमेटी करेगी सर्वे: एडीएम के नेतृत्व में बनी टीम

नई चीनी मिल की स्थापना की व्यवहार्यता जांचने और जमीन चिह्नित करने के लिए जिलाधिकारी ने एक उच्च स्तरीय तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में एडीएम (राजस्व) ब्रजेश कुमार, जिला ईख पदाधिकारी और डीसीएलआर को शामिल किया गया है।

कमेटी ने कृषि विभाग से जिले में गन्ने के वर्तमान उत्पादन और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। साथ ही, मिल के प्लांट के लिए 100 एकड़ सरकारी या अधिग्रहित करने योग्य भूमि की खोज तेज कर दी गई है।

पुरानी मिल पर लगा 'फुल स्टॉप': शहर से बाहर खुलेगी नई यूनिट

चीनी मिल को लेकर लंबे समय से चली आ रही अटकलों पर विराम लगाते हुए प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि शहर के बीच स्थित बंद पड़ी पुरानी चीनी मिल को दोबारा चालू करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। भूमि लीज संबंधी विवादों और तकनीकी अड़चनों के कारण इसे व्यावहारिक नहीं माना गया है। अब सरकार शहर की भीड़भाड़ से दूर किसी खुले इलाके में नई मिल स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

सीमावर्ती क्षेत्रों पर टिकी नजर: वैशाली और दरभंगा बॉर्डर पर सर्वे

समस्तीपुर में पहले से ही एक चीनी मिल (हसनपुर) संचालित होने के कारण, नई मिल के लिए कच्चे माल (गन्ने) की आपूर्ति सुनिश्चित करना एक चुनौती है।

रणनीति: प्रशासन अब वैशाली और दरभंगा के सीमावर्ती इलाकों में सर्वे करा रहा है।

उद्देश्य: इन इलाकों में जमीन की उपलब्धता अधिक है और किसानों को गन्ना उत्पादन के लिए प्रोत्साहित कर 40 हजार एकड़ का आवश्यक रकबा (40,000 acres catchment) सुनिश्चित किया जा सकता है।

किसानों के लिए क्या हैं मायने?

नई चीनी मिल खुलने से न केवल समस्तीपुर बल्कि पड़ोसी जिलों के हजारों किसानों की आय में वृद्धि होगी।

सीधी खरीद: किसानों को अपने गन्ने की बिक्री के लिए दूर नहीं जाना होगा।

रोजगार: मिल स्थापना से स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के हजारों अवसर पैदा होंगे।

नकद फसल: गन्ने की खेती को बढ़ावा मिलने से किसानों को 'नकदी फसल' (Cash Crop) का बेहतर विकल्प मिलेगा।