Prabhat Vaibhav,Digital Desk : नाइजीरिया से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां आतंकवादियों के खिलाफ चलाया गया एक सैन्य अभियान भीषण त्रासदी में बदल गया। नाइजीरियाई वायुसेना के एक हवाई हमले में कम से कम 200 निर्दोष नागरिकों के मारे जाने की आशंका है। यह दुखद घटना तब हुई जब वायुसेना का निशाना चूक गया और बम आतंकियों के ठिकाने के बजाय एक भीड़भाड़ वाले बाजार पर जा गिरा।
भीड़भाड़ वाले जिल्ली बाजार में मची चीख-पुकार
यह घटना शनिवार रात नाइजीरिया के योबे राज्य के जिल्ली (Jilli) इलाके में हुई। यह क्षेत्र बोर्नो राज्य की सीमा के करीब है, जो कुख्यात आतंकवादी संगठन बोको हराम का गढ़ माना जाता है। वायुसेना के लड़ाकू विमान इन आतंकियों का पीछा कर रहे थे, लेकिन जब हमला हुआ, तब बाजार में सैकड़ों लोग दैनिक जरूरतों का सामान खरीदने के लिए जुटे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना जोरदार था कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
पार्षद का दावा: 200 से अधिक शव बरामद
योबे के गीदाम जिले के स्थानीय पार्षद लवान जना नूर गीदाम ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि अब तक मिली जानकारी के अनुसार मृतकों का आंकड़ा 200 को पार कर गया है। उन्होंने इस मंजर को "बेहद भयावह और दर्दनाक" बताया। अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियों के अधिकारियों ने भी बड़ी संख्या में हताहतों की पुष्टि की है। घायलों को योबे और बोर्नो राज्यों के नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है।
क्यों हो रही है नाइजीरिया में यह जंग?
नाइजीरिया पिछले कई दशकों से 'बोको हराम' जैसे कट्टरपंथी समूहों के आतंक से जूझ रहा है। इस समूह ने अब तक हजारों लोगों की जान ली है और लाखों को विस्थापित किया है। नाइजीरियाई सेना लगातार इन इलाकों में हवाई और जमीनी कार्रवाई करती रहती है, लेकिन इस बार इंटेलिजेंस या निशाने की चूक ने निर्दोषों की जान ले ली।
प्रत्यक्षदर्शी की जुबानी: 'चारों तरफ सिर्फ लाशें थीं'
बाजार में दवा बेचने वाले 43 वर्षीय अहमद अली ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा, "धमाका इतना तेज था कि मुझे लगा सब खत्म हो गया। मैं अपनी जान बचाने के लिए भाग रहा था, तभी एक दोस्त ने मुझे जमीन पर लिटा दिया। जब धुआं छंटा, तो हर तरफ सिर्फ चीखें और मलबे में दबे लोग थे।"
योबे राज्य आपदा प्रबंधन एजेंसी (SEMA) ने घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में हुई मौतों ने नाइजीरियाई सरकार और सैन्य रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




