Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव काफी समय से राजनीतिक गतिविधियों से दूर नजर आ रहे थे। करीब एक महीने की खामोशी के बाद उन्होंने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ी है। इस बार तेजस्वी ने सोशल मीडिया के जरिए उत्तराखंड की एक मंत्री के पति के विवादित बयान पर कड़ा रुख अपनाया है।
तेजस्वी यादव ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर उत्तराखंड की मंत्री रेखा आय के पति गिरिधारी लाल साहू का एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में मंत्री पति महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं। वीडियो शेयर करते हुए तेजस्वी ने भाजपा पर सीधा हमला बोला।
उन्होंने लिखा कि भाजपा नेता यह कह रहे हैं कि 10 हजार रुपये में महिलाओं का वोट खरीदने के बाद अब बिहार से 20–25 हजार में लड़कियां लाने की बात हो रही है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बिहार और महिलाओं को लेकर भाजपा की सोच हमेशा से नकारात्मक और जहरीली रही है।
तेजस्वी यादव ने इस बयान के बहाने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना पर भी तंज कसा। गौरतलब है कि इस योजना के तहत महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि दी जा रही है। तेजस्वी का कहना है कि महिलाओं के सशक्तिकरण की बात करने वालों की असली सोच ऐसे बयानों से सामने आ जाती है।
इस विवादित बयान पर विपक्षी दलों को बड़ा मुद्दा मिल गया है। बिहार राज्य महिला आयोग ने भी इस मामले में संज्ञान लेते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने बयान को बेहद निंदनीय बताया और मंत्री पति से बिना शर्त माफी की मांग की है। आयोग की ओर से उन्हें नोटिस भेजने का फैसला भी लिया गया है।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने भी इस बयान को शर्मनाक और घृणित करार दिया है। उन्होंने भाजपा से बिहार की बेटियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
दिलचस्प बात यह है कि इस बयान पर सत्ताधारी दलों के नेताओं ने भी नाराजगी जताई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने भी मंत्री पति के बयान की निंदा की है।
कुल मिलाकर, इस पूरे घटनाक्रम के जरिए तेजस्वी यादव ने एक बार फिर संकेत दे दिया है कि वे बिहार की राजनीति में दोबारा सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार हैं।




