Prabhat Vaibhav,Digital Desk : भोजपुर जिले में एलपीजी (LPG) सिलेंडर की किल्लत और कालाबाजारी की खबरों के बीच जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। आरा सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) शिप्रा विजयकुमार चौधरी ने स्पष्ट किया है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और जो लोग अवैध भंडारण या अधिक वसूली में लिप्त पाए जाएंगे, उन्हें सीधे जेल भेजा जाएगा। प्रशासन ने इसके लिए एक हाई-लेवल मॉनिटरिंग टीम का गठन भी कर दिया है।
SDO शिप्रा विजयकुमार चौधरी का सख्त फरमान
विभिन्न माध्यमों से मिल रही शिकायतों और भ्रामक खबरों को गंभीरता से लेते हुए SDO ने सभी गैस वितरकों को कड़े निर्देश जारी किए हैं।
निर्धारित दर ही मान्य: कोई भी गैस एजेंसी या वितरक उपभोक्ता से तय सरकारी रेट से एक रुपया भी ज्यादा नहीं वसूल सकेगा।
भ्रामक प्रचार पर रोक: जो लोग गैस की कमी की अफवाह फैलाकर बाजार में घबराहट पैदा कर रहे हैं, उन पर प्रशासन की पैनी नजर है।
छापेमारी के निर्देश: आपूर्ति निरीक्षकों और पुलिस को आदेश दिया गया है कि वे संदिग्ध ठिकानों और गोदामों पर अचानक छापेमारी (Surprise Inspection) करें।
नोडल अधिकारी और विशेष टीम का गठन
कालाबाजारी को जड़ से खत्म करने के लिए जिला सहायक आपूर्ति पदाधिकारी रंजन कुमार सिंह को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है।
संयुक्त टीम: इस टीम में आपूर्ति निरीक्षक, प्रखंड प्रशासन के अधिकारी और स्थानीय थानों की पुलिस शामिल होगी।
निगरानी का दायरा: यह टीम केवल गैस एजेंसियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वितरण केंद्रों और परिवहन करने वाले वाहनों की भी जांच करेगी।
कानूनी कार्रवाई: जेल और भारी आर्थिक दंड
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कहीं भी अवैध जमाखोरी या कालाबाजारी पकड़ी जाती है, तो आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) की सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई होगी:
जब्ती: अवैध गैस सिलेंडर, गोदाम और परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को तुरंत जब्त कर लिया जाएगा।
धारा 3, 6A और 7: इन धाराओं के तहत दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज होगी, जिसमें जेल की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
आम जनता के लिए संदेश: घबराएं नहीं, अफवाहों से बचें
प्रशासन ने जिले के नागरिकों को आश्वस्त किया है कि अनुमंडल क्षेत्र में रसोई गैस की पर्याप्त उपलब्धता है। सप्लाई चेन पूरी तरह सामान्य है।
अफवाहों पर ध्यान न दें: गैस खत्म होने या आपूर्ति रुकने जैसी बातों पर भरोसा कर जरूरत से ज्यादा बुकिंग न करें।
शिकायत करें: यदि कोई आपसे अधिक कीमत मांगता है या रसीद देने से मना करता है, तो तुरंत प्रखंड कार्यालय या अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं।




