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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर प्रदेश के रायबरेली रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे एक आधुनिक तकनीक अपनाने जा रहा है, जिसे 'क्विक वॉटरिंग सिस्टम' (Quick Watering System) कहा जाता है। भीषण गर्मी का मौसम शुरू होने से पहले ही इस प्रोजेक्ट को रफ्तार दे दी गई है। इसके तैयार हो जाने के बाद ट्रेनों में पानी की कमी की समस्या बीते जमाने की बात हो जाएगी और यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा में सूखे नलों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

क्या है क्विक वॉटरिंग सिस्टम?

साधारण शब्दों में कहें तो यह एक ऐसी उच्च क्षमता वाली प्रणाली है जो बहुत कम समय में पूरी ट्रेन की बोगियों में पानी भर देती है।

समय की बचत: जहां पारंपरिक तरीके से ट्रेन की टंकियों को भरने में 20 से 30 मिनट लगते थे, वहीं यह सिस्टम केवल 5 से 10 मिनट में काम पूरा कर देता है।

हाई प्रेशर पंप: इसमें बहुत शक्तिशाली पंपों का इस्तेमाल किया जाता है, जो एक साथ सभी बोगियों में समान दबाव के साथ पानी पहुँचाते हैं।

स्वचालन (Automation): यह सिस्टम काफी हद तक कंप्यूटरीकृत होता है, जिससे पानी की बर्बादी कम होती है और रिसाव (Leakage) की समस्या नहीं रहती।

रायबरेली स्टेशन पर काम की प्रगति

लखनऊ मंडल के प्रमुख स्टेशनों में शामिल रायबरेली में इस प्रोजेक्ट पर जल निगम और रेलवे मिलकर काम कर रहे हैं। ताजा अपडेट के अनुसार:

बोरिंग और टैंक: रेलवे अस्पताल के पीछे बोरिंग का काम एक महीने पहले ही पूरा हो चुका है। गुरुवार को भूमिगत वाटर टैंक बनाने का काम भी संपन्न कर लिया गया।

पाइपलाइन का काम: मार्च के अगले सप्ताह से स्टेशन के सभी प्लेटफार्मों पर पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू होगा।

निर्बाध आपूर्ति: बड़े वाटर टैंक होने के कारण बार-बार पंप चलाने की जरूरत नहीं होगी और स्टेशन पर हर समय पर्याप्त जल भंडार उपलब्ध रहेगा।

यात्रियों को क्या होगा फायदा?

रास्ते में ही समाधान: अक्सर लंबी दूरी की ट्रेनों में पानी खत्म होने पर यात्रियों को लखनऊ या वाराणसी जैसे बड़े स्टेशनों का इंतजार करना पड़ता था। अब रायबरेली में ही यह सुविधा उपलब्ध होगी।

स्वच्छता में सुधार: बोगियों के शौचालयों और वॉश बेसिन में पर्याप्त पानी होने से यात्रा के दौरान स्वच्छता बनी रहेगी।

ट्रेनों की समयबद्धता: पानी भरने में समय कम लगने से ट्रेनें स्टेशन पर अनावश्यक रूप से खड़ी नहीं रहेंगी, जिससे उनके समय पर चलने में मदद मिलेगी।

अधिकारी का बयान: कैरिज एवं वैगन विभाग के इंचार्ज एके यादव ने बताया कि वाटर टैंक का काम पूरा हो चुका है और इसी माह पाइपलाइन बिछाकर सिस्टम को सक्रिय करने की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे।