Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के खजाने को मजबूत करने और संपत्तियों के लेनदेन में पारदर्शिता लाने के लिए स्टाम्प एवं निबंधन विभाग को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य स्टाम्प चोरी को रोकना और लंबित राजस्व की वसूली करना है। सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के अंत यानी मार्च 2026 तक विभिन्न स्रोतों से 200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
अपंजीकृत संपत्तियों का होगा रजिस्ट्रेशन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार, प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों (DA), आवास विकास परिषद और UPSIDC की उन संपत्तियों का चिह्नीकरण किया जा रहा है जिनका अभी तक पंजीकरण (Registry) नहीं हुआ है।
व्यापक सर्वे: संपत्तियों की वास्तविक बाजार दरों का पता लगाने के लिए राज्यव्यापी सर्वे शुरू किया गया है ताकि सर्किल रेट को अपडेट और सरल बनाया जा सके।
पारदर्शिता: सर्किल दर सूची के मानकीकरण से बाजार की वास्तविक स्थिति के अनुरूप स्टाम्प शुल्क तय होगा, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।
इन बड़े प्रोजेक्ट्स से होगी करोड़ों की आय
प्रशासन ने राजस्व संग्रह के लिए जिलावार विशेष कार्ययोजना तैयार की है। प्रमुख अनुमानित आय इस प्रकार है:
गोरखपुर (GDA): न्यू टाउनशिप योजना से अकेले 100 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है।
वाराणसी (VDA): गंजारी स्पोर्ट्स सिटी परियोजना से लगभग 40 करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा।
मुरादाबाद (MDA): सहायक और गोविंदपुरम योजनाओं से 22 करोड़ रुपये की आय संभावित है।
गीडा (GIDA): लीज और फ्रीहोल्ड विलेखों से करीब 50 करोड़ रुपये का अनुमान है।
NHAI टोल प्लाजा पर 72 करोड़ की देनदारी
सरकार ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के टोल प्लाजा समझौतों की भी गहन समीक्षा की है।
123 टोल प्लाजा: प्रदेश के कुल 123 टोल प्लाजा और संबंधित एजेंसियों के बीच हुए समझौतों के परीक्षण के बाद 72 करोड़ रुपये की स्टाम्प देयता निर्धारित की गई है।
वसूली की कार्रवाई: गाजियाबाद में एक मामले से 70 लाख रुपये वसूल लिए गए हैं, जबकि कुशीनगर और अन्य जिलों में वसूली की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
नोएडा और मेरठ में बड़े आंकड़े
औद्योगिक और आवासीय हब माने जाने वाले जिलों में सबसे ज्यादा राजस्व की संभावना है:
गौतमबुद्धनगर (नोएडा/ग्रेटर नोएडा): यमुना प्राधिकरण और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से जुड़े मामलों से 93 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी है।
मेरठ: निजी बिल्डरों और RRTS (रैपिड रेल) परियोजना के माध्यम से लगभग 252 करोड़ रुपये की आय का अनुमान है।
गाजियाबाद: हरनंदीपुरम योजना और मोदीनगर परियोजना से 153 करोड़ रुपये मिलने की संभावना जताई गई है।




