Prabhat Vaibhav,Digital Desk : विवादों से जुड़े संत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एक बार फिर चर्चा में हैं। 2023 में केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के समय मुख्य द्वार से मंदिर में प्रवेश न मिलने पर उन्होंने धरना दिया था। अब माघ स्नान को लेकर प्रयागराज में उनकी चर्चा हो रही है।
केदारनाथ में धरना
केदारनाथ कपाट खुलने के मौके पर परंपरा के अनुसार रावल भीमाशंकर लिंग, मंदिर समिति के पदाधिकारी और पुजारी वर्ग सबसे पहले मंदिर में प्रवेश करते हैं। इसी क्रम में जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने अनुयायियों के साथ मुख्य द्वार से मंदिर प्रवेश करना चाहते थे, तो मंदिर समिति ने उन्हें रोक दिया और निर्धारित गेट से जाने को कहा।
नियमों के तहत विरोध
मुख्य द्वार से प्रवेश की जिद पर अड़े स्वामी ने मंदिर परिसर में विरोध जताया। उन्होंने मुख्य द्वार के समीप धरना दिया और बाद में आदि शंकराचार्य के समाधि स्थल में धरने पर बैठ गए। हालांकि, समिति ने नियमों के अनुसार उन्हें मुख्य द्वार से प्रवेश नहीं दिया और वीआईपी गेट से ही दर्शन संपन्न कराए गए।
समिति का पक्ष
मंदिर समिति के तत्कालीन अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आम श्रद्धालुओं की तरह मुख्य द्वार से प्रवेश करने की इच्छा जताई थी, लेकिन नियमों के तहत उन्हें निर्धारित गेट से ही दर्शन कराया गया।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का विवादों से जुड़ाव लंबे समय से रहा है और उनके धर्मस्थल पर व्यवहार और नियमों को लेकर कई बार चर्चाएँ होती रही हैं।




