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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के नए बजट को राज्य की नियति बदलने वाला ऐतिहासिक दस्तावेज करार दिया है। गैरसैंण विधानसभा परिसर (भराड़ीसैंण) में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि "विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड" के संकल्प को सिद्ध करने का एक सशक्त रोडमैप है।

बजट के चार मुख्य स्तंभ: GYAN

मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट का ढांचा मुख्य रूप से चार वर्गों पर आधारित है, जिन्हें प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप 'GYAN' (G-गरीब, Y-युवा, A-अन्नदाता, N-नारीशक्ति) के रूप में देखा जा सकता है:

गरीब और अन्नदाता: किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि और बागवानी के क्षेत्र में नई तकनीकों और योजनाओं को बढ़ावा दिया गया है। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के जरिए कमजोर वर्गों को बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।

युवा शक्ति: शिक्षा, खेल और कौशल विकास (Skill Development) को प्राथमिकता दी गई है। युवाओं के लिए स्वरोजगार की नई राहें खोलने और उन्हें नवाचार (Innovation) से जोड़ने का लक्ष्य है।

मातृशक्ति: महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके सम्मानजनक जीवन के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं।

विकास और विरासत का संतुलन: मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि बजट में आधुनिक बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के साथ-साथ राज्य की समृद्ध संस्कृति और विरासत के संरक्षण पर भी समान ध्यान दिया गया है।

संतुलित विकास और वित्तीय अनुशासन

मुख्यमंत्री धामी ने बजट की कुछ तकनीकी और रणनीतिक खूबियों पर भी प्रकाश डाला:

वित्तीय अनुशासन: सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ राज्य की आर्थिकी को मजबूत कर रही है। राज्य गठन के बाद से अर्थव्यवस्था में निरंतर सुधार हुआ है।

बुनियादी सुविधाएं: खाद्य सुरक्षा और आवास योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक परिवार तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

गांव और शहर का समन्वय: बजट का मूल मंत्र 'संतुलित विकास' है, जिसमें दूरस्थ गांवों से लेकर आधुनिक शहरों तक विकास का समान लाभ पहुंचाने की योजना है।

आत्मनिर्भर उत्तराखंड की ओर कदम

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह बजट जनसहभागिता के साथ उत्तराखंड को विकास के नए आयामों तक ले जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार आधारित योजनाओं से राज्य के पलायन को रोकने में मदद मिलेगी और उत्तराखंड आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।