Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान 15 जनवरी को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होंगे। गोलक से जुड़े एक बयान को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने मुख्यमंत्री को तलब किया है। उनसे अपने बयान पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है।
क्या है पूरा विवाद
हाल ही में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और अकाली दल पर तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि कुछ संस्थाएं अपने गलत कार्यों को छिपाने के लिए श्री अकाल तख्त साहिब और पंथ का सहारा ले रही हैं। यह बयान श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 लापता स्वरूपों के मामले को लेकर दिया गया था।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सिख संगत के एक वर्ग में नाराजगी देखने को मिली, वहीं यह मामला धार्मिक और राजनीतिक बहस का विषय बन गया।
SIT गठन और एफआईआर का जिक्र
भगवंत मान ने यह भी कहा था कि इतने गंभीर मामले में लंबे समय तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे सिख समुदाय में रोष है। उन्होंने स्पष्ट किया था कि राज्य सरकार ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाई है और जांच के लिए विशेष जांच टीम यानी एसआईटी का गठन किया गया है।
उनका कहना था कि सरकार इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच चाहती है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
अकाल तख्त साहिब में पेश होने के निर्देश
इन्हीं बयानों को लेकर अब श्री अकाल तख्त साहिब ने मुख्यमंत्री को तलब किया है। जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री 15 जनवरी को अकाल तख्त साहिब में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखें। माना जा रहा है कि इस पेशी के बाद ही इस विवाद को लेकर अगला रुख तय होगा।




