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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : पंजाब के जालंधर जिले में एक अज्ञात ईमेल ने पुलिस और प्रशासन की नींद उड़ा दी है। शरारती तत्वों द्वारा भेजे गए एक धमकी भरे मेल में जिले भर में स्थापित संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की सभी प्रतिमाओं को हटाने की मांग की गई है। इस मेल के सामने आने के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई है और दलित संगठनों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी है और साइबर सेल की मदद से मेल भेजने वाले का सुराग लगाने की कोशिश की जा रही है।

14 अप्रैल तक का दिया समय, प्रशासन अलर्ट

ईमेल भेजने वाले ने बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए प्रशासन को 14 अप्रैल यानी डॉ. अंबेडकर की जयंती तक का समय दिया है। मेल में चेतावनी दी गई है कि यदि इस समय सीमा के भीतर जिले की सभी प्रतिमाओं को नहीं हटाया गया, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। चूंकि 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती का बड़ा उत्सव मनाया जाता है, ऐसे में इस धमकी को माहौल खराब करने की साजिश के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि किसी भी असामाजिक तत्व को जिले की शांति भंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

सुरक्षा घेरे में अंबेडकर प्रतिमाएं, खुफिया एजेंसियां सक्रिय

धमकी मिलने के बाद जालंधर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित डॉ. अंबेडकर की प्रतिमाओं की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस की गश्त तेज कर दी गई है और सादे लिबास में भी जवानों की तैनाती की गई है। खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस धमकी के पीछे किसी प्रतिबंधित संगठन का हाथ है या यह किसी व्यक्ति की निजी शरारत है। प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।

दलित संगठनों में भारी रोष, सख्त कार्रवाई की मांग

इस धमकी भरे मेल की खबर जैसे ही फैली, विभिन्न सामाजिक और दलित संगठनों ने रोष व्यक्त करना शुरू कर दिया है। संगठनों के प्रतिनिधियों ने पुलिस के उच्च अधिकारियों से मुलाकात कर आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि संविधान निर्माता का अपमान करने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल, साइबर एक्सपर्ट्स मेल के आईपी एड्रेस (IP Address) को ट्रैक कर रहे हैं ताकि भेजने वाले तक पहुँचा जा सके।