Prabhat Vaibhav, Digital Desk : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से जुड़ने वाले एक और प्रमुख मार्ग को लेकर बड़ी खबर है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने लखनऊ-सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग को 4 लेन से बढ़ाकर 6 लेन करने की तैयारी तेज कर दी है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद न केवल सफर सुगम होगा, बल्कि जाम की समस्या से भी स्थाई निजात मिलेगी।
परियोजना की मुख्य बातें: कब शुरू होगा काम?
NHAI के क्षेत्रीय अधिकारी विशाल गौतम के अनुसार, इस हाईवे के चौड़ीकरण की प्रक्रिया पर तेजी से काम चल रहा है:
DPR अपडेट: विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) जून 2026 तक तैयार हो जाएगी।
टेंडर प्रक्रिया: डीपीआर मिलते ही इसे मंत्रालय को वित्तीय स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। लक्ष्य है कि इसी साल के अंत तक टेंडर कर काम शुरू कर दिया जाए।
ट्रैफिक लोड: वर्तमान में इस 100 किमी लंबे मार्ग पर रोजाना 38 हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं, जिससे जाम की स्थिति बनी रहती है।
जमीन अधिग्रहण पर बड़ी राहत: नहीं जाएगी किसानों की जमीन
इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि हाईवे के चौड़ीकरण के लिए किसानों से अतिरिक्त जमीन नहीं ली जाएगी। * उपलब्ध जमीन का उपयोग: NHAI के पास हाईवे के दोनों तरफ पहले से ही पर्याप्त जमीन उपलब्ध है।
समय और बजट की बचत: जमीन अधिग्रहण और मुआवजे की प्रक्रिया की जरूरत न होने के कारण महीनों का समय बचेगा और प्रोजेक्ट का बजट भी मुख्य रूप से सड़क निर्माण पर ही खर्च होगा।
टोल प्लाजा को लेकर भी बड़ा बदलाव
लखनऊ-सीतापुर हाईवे पर स्थित मामपुर इटौंजा टोल प्लाजा को लेकर भी महत्वपूर्ण अपडेट है:
NHAI संभालेगा कमान: वर्तमान में निजी हाथों में चल रहे इस टोल का संचालन सितंबर 2026 में खत्म हो जाएगा, जिसके बाद NHAI इसे वापस अपने नियंत्रण में ले लेगा।
तकनीकी सुधार: अक्सर लगने वाली लंबी लाइनों को खत्म करने के लिए यहां नए स्कैनर लगाए जाएंगे और इंटरनेट कनेक्टिविटी को बेहतर किया जाएगा ताकि 'फास्टैग' प्रक्रिया और तेज हो सके।
आम जनता को क्या होगा फायदा?
6 लेन बनने से लखनऊ से सीतापुर, शाहजहांपुर और बरेली की ओर जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। वर्तमान में इटौंजा टोल और उसके आसपास जो वाहनों की गति धीमी हो जाती है, वह समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी। NHAI का दावा है कि यह नया बुनियादी ढांचा अगले कई दशकों तक बढ़ते ट्रैफिक लोड को संभालने में सक्षम होगा।




