Prabhat Vaibhav,Digital Desk : हमारा शरीर किसी भी बड़ी बीमारी के आने से पहले छोटे-छोटे संकेत देना शुरू कर देता है, जिन्हें हम अक्सर सामान्य समझकर टाल देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि त्वचा पर होने वाली मामूली खुजली या पैरों की हल्की सूजन गुर्दे (Kidney) की गंभीर बीमारी का शुरुआती अलार्म हो सकती है? किडनी हमारे शरीर का वो 'फिल्टर' है जो विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है। यदि मोटापा, मधुमेह (Diabetes) या उच्च रक्तचाप (High BP) जैसी समस्याएं हों, तो किडनी पर दबाव बढ़ जाता है। आइए जानते हैं वे कौन से लक्षण हैं, जो बताते हैं कि आपकी किडनी खतरे में है।
1. त्वचा में रूखापन और लगातार खुजली
अगर आपको अचानक शरीर में खुजली महसूस होने लगे और त्वचा बहुत ज्यादा रूखी हो जाए, तो यह केवल स्किन इन्फेक्शन नहीं है। जब किडनी रक्त में खनिजों (Minerals) और पोषक तत्वों का सही संतुलन नहीं बना पाती, तो शरीर में विषाक्त पदार्थ जमा होने लगते हैं। यह 'मिनरल और बोन डिजीज' का संकेत है, जो किडनी की एडवांस स्टेज की बीमारी से जुड़ा हो सकता है।
2. अनिद्रा: रात भर करवटें बदलना
क्या आपको रात में नींद आने में परेशानी होती है? जब किडनी ठीक से फिल्टर नहीं करती, तो टॉक्सिन्स मूत्र के जरिए बाहर निकलने के बजाय रक्त में ही रह जाते हैं। रक्त में बढ़ती गंदगी का सीधा असर आपके स्लीप साइकल (Sleep Cycle) पर पड़ता है, जिससे अनिद्रा या बार-बार नींद टूटने की समस्या पैदा होती है।
3. पैरों और टखनों में सूजन (Edema)
किडनी का मुख्य काम शरीर से अतिरिक्त तरल पदार्थ और सोडियम को बाहर निकालना है। जब किडनी की कार्यक्षमता कम होती है, तो शरीर में 'फ्लूइड रिटेंशन' होने लगता है। इसके कारण पैरों, टखनों और हाथों में सूजन आ जाती है। यदि आपको ऐसा महसूस हो, तो तुरंत नमक, सूप और दही जैसे वसायुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कम कर देना चाहिए।
4. मांसपेशियों में ऐंठन और दर्द
किडनी की खराबी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगाड़ देती है। रक्त में कैल्शियम और फास्फोरस का स्तर कम होने से मांसपेशियों में तनाव और खिंचाव बढ़ जाता है। यदि बिना किसी भारी काम के भी आपकी मांसपेशियों में लगातार दर्द बना रहता है, तो यह किडनी के सही तरीके से काम न करने का संकेत हो सकता है।
किडनी को फौलादी बनाने के 5 सुनहरे नियम
अपनी किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रखने के लिए आज ही इन आदतों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें:
सक्रिय रहें: नियमित व्यायाम, योग और ध्यान शरीर में रक्त संचार को सुचारू रखते हैं।
संतुलित आहार: जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड को अपनी थाली से पूरी तरह हटा दें।
पानी का सही गणित: बहुत कम पानी पीना भी खतरनाक है और बहुत ज्यादा पानी पीना किडनी पर बोझ बढ़ाता है। प्यास के अनुसार पर्याप्त पानी पिएं।
नियमित जांच: यदि आपको शुगर या बीपी है, तो हर 6 महीने में किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) जरूर करवाएं।




