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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आईपी सिंह एक बार फिर कानूनी पचड़े में फंस गए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) वीडियो और भ्रामक पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा करने के आरोप में उनके खिलाफ लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन पर सरकार की छवि धूमिल करने और समाज में सौहार्द बिगाड़ने के गंभीर आरोप लगे हैं।

क्या है पूरा विवाद? AI वीडियो और आपत्तिजनक टिप्पणी

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, आईपी सिंह ने अपने सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक एआई जनरेटेड वीडियो साझा किया।

वीडियो की सामग्री: इस वीडियो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चेहरे को एडिट कर उन्हें 'रहमान डकैत' के रूप में डांस करते हुए दिखाया गया था।

विवादास्पद कैप्शन: वीडियो पोस्ट करते हुए सपा नेता ने लिखा— "नौ वर्षों में पीडीए वर्ग का आरक्षण निगल जाने वाला डकैत।" * भावनाएं आहत: शिकायतकर्ता धर्म सिंह ने अपनी तहरीर में कहा कि इस तरह के कृत्य से न केवल मुख्यमंत्री की गरिमा को ठेस पहुंची है, बल्कि प्रदेश के लाखों लोगों की भावनाएं भी आहत हुई हैं।

कानूनी कार्रवाई: इन गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ केस

हजरतगंज पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आईपी सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई कड़ी धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है:

धाराएं: 196 (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी फैलाना), 299 (धार्मिक भावनाओं को आहत करना), 352, 353 (सार्वजनिक शांति भंग करने के लिए उकसाना), 356 और आईटी एक्ट की धारा 67।

पुलिस का रुख: अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आईपी सिंह के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

[Image Concept: A visual representing Cyber Crime investigation or Lucknow's Hazratganj Kotwali entrance]

आईपी सिंह का राजनीतिक सफर: भाजपा से सपा तक

आईपी सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है।

भाजपा से निष्कासन: मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले आईपी सिंह को 2019 में भाजपा ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण बाहर का रास्ता दिखाया था। उन्होंने पीएम मोदी और राजनाथ सिंह को लेकर भी विवादित टिप्पणियां की थीं।

सपा में कद: भाजपा से निकलने के बाद वे समाजवादी पार्टी में शामिल हुए और वर्तमान में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर सक्रिय हैं।

शिकायतकर्ता के आरोप: "शांति भंग की साजिश"

शिकायतकर्ता धर्म सिंह ने आरोप लगाया कि सपा नेता ने जानबूझकर यह वीडियो समाज में घृणा, शत्रुता और अशांति फैलाने के उद्देश्य से डाला है। यह कृत्य विभिन्न जातियों और वर्गों के बीच द्वेष भावना उत्पन्न करने का एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। फिलहाल, इस एफआईआर के बाद लखनऊ के राजनीतिक हलकों में सरगर्मी तेज हो गई है।