Prabhat Vaibhav,Digital Desk : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के रोमांच के बीच अनुशासन और समय प्रबंधन को लेकर बड़े और कड़े फैसले लिए हैं। अक्सर देखा गया है कि डगआउट में बैठे खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ मैच के दौरान बार-बार मैदान के अंदर आते हैं, जिससे खेल की लय बिगड़ती है और समय की बर्बादी होती है। इसे रोकने के लिए बीसीसीआई ने 'मैदान में प्रवेश' और 'बिब' पहनने वाले खिलाड़ियों के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं।
अब केवल 'सूचीबद्ध' 16 खिलाड़ी ही आ सकेंगे नजर
बीसीसीआई ने स्पष्ट कर दिया है कि मैच शुरू होने से पहले टीम प्रबंधन को एक आधिकारिक सूची देनी होगी।
मैदान में प्रवेश: केवल उस सूची में शामिल 16 खिलाड़ी ही मैदान के अंदर (ड्रिंक्स ब्रेक या उपकरण पहुंचाने के लिए) जा सकेंगे।
बेंच स्ट्रेंथ पर पाबंदी: यदि किसी खिलाड़ी का नाम उन 16 खिलाड़ियों में नहीं है, तो वह पूरे मैच के दौरान मैदान की घास पर कदम भी नहीं रख सकेगा। चाहे बल्लेबाज को बल्ला देना हो या कोई गुप्त संदेश, 'बाहरी' खिलाड़ियों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है।
बाउंड्री के पास 'बिब' पहनकर जमावड़े पर रोक
मैदान के चारों ओर एलईडी बोर्ड और बाउंड्री लाइन के पास खिलाड़ियों के अनावश्यक खड़े होने पर भी नकेल कसी गई है:
अधिकतम 5 खिलाड़ी: बाउंड्री के पास डगआउट के पास 5 से अधिक बिब (बिना आस्तीन वाली जर्सी) पहने खिलाड़ी खड़े या बैठ नहीं सकेंगे।
स्थान का नियम: जिन खिलाड़ियों का नाम 16 सदस्यीय सूची में नहीं है, उन्हें बाउंड्री या एलईडी बोर्ड के आसपास घूमने की सख्त मनाही है। उन्हें डगआउट के निर्धारित क्षेत्र में ही रहना होगा।
ड्रिंक्स ब्रेक: अंपायर की मर्जी के बिना 'नो वॉटर'
खेल नियमों के खंड 11.5.2 का हवाला देते हुए बीसीसीआई ने समय की बर्बादी (Time Wasting) रोकने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं:
अंपायर की अनुमति: अब अंपायर की पूर्व अनुमति के बिना मैदान पर पेय पदार्थ (Drinks) नहीं ले जाए जा सकते।
कब मिलेगा पानी: पानी केवल तभी दिया जा सकता है जब खिलाड़ी बाउंड्री के पास हो या विकेट गिरा हो। बीच ओवरों में अकारण पानी ले जाने पर पेनल्टी लग सकती है।
यूनिफॉर्म अनिवार्य: मैदान पर पेय पदार्थ ले जाने वाले हर खिलाड़ी को अपनी टीम की आधिकारिक वर्दी (Official Uniform) पहननी होगी।
बीसीसीआई का उद्देश्य: खेल की गति और गरिमा
क्रिकबज़ की रिपोर्ट के अनुसार, इन नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मैच अपने निर्धारित समय पर समाप्त हो और टीवी दर्शकों के साथ-साथ मैदान पर मौजूद फैंस को बिना किसी रुकावट के खेल देखने को मिले। टीम प्रबंधकों को चेतावनी दी गई है कि इन नियमों का उल्लंघन करने पर कोड ऑफ कंडक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकती है।




