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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : भारतीय क्रिकेट के 'सिक्सर किंग' युवराज सिंह मैदान पर अपने आक्रामक अंदाज के लिए जाने जाते थे, लेकिन अब संन्यास के बाद उनके एक बेबाक बयान ने क्रिकेट जगत में खलबली मचा दी है। जहां इरफान पठान, आकाश चोपड़ा और सौरव गांगुली जैसे दिग्गज खिलाड़ी कमेंट्री बॉक्स में अपनी आवाज का जादू बिखेर रहे हैं, वहीं युवराज ने साफ कर दिया है कि वह इस पेशे से कोसों दूर रहेंगे। युवी ने इसके पीछे किसी तकनीक या समय की कमी को नहीं, बल्कि कमेंट्री बॉक्स में मौजूद 'कुछ खास लोगों' को जिम्मेदार ठहराया है।

निजी टिप्पणियों से आहत हैं युवी, खुलकर निकाला अपना दर्द

स्पोर्ट्स तक को दिए एक इंटरव्यू में युवराज सिंह ने उन कारणों का खुलासा किया जो उन्हें माइक थामने से रोकते हैं। युवराज ने कहा, "अब जब मैं क्रिकेट को अलविदा कह चुका हूं, तो मैं इस पर खुलकर बात कर सकता हूं। कमेंट्री बॉक्स में कुछ ऐसे लोग बैठते हैं जो क्रिकेट की तकनीक या खेल पर बात करने के बजाय व्यक्तिगत और निजी टिप्पणियां करते हैं।" युवराज का मानना है कि जब खेल के विश्लेषण की जगह निजी हमले होने लगें, तो वह गरिमा खत्म हो जाती है। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि वह उन लोगों के बगल में बैठकर कमेंट्री नहीं करना चाहते जिन्होंने कभी उनके बारे में भद्दी या निजी बातें की हैं।

बिना नाम लिए 'दुश्मनों' पर साधा निशाना

हालांकि युवराज ने अपने बयान में किसी का नाम उजागर नहीं किया, लेकिन उनके शब्दों की कड़वाहट से साफ है कि कमेंट्री पैनल में मौजूद कुछ पूर्व खिलाड़ियों से उनके रिश्ते ठीक नहीं हैं। युवी ने कहा, "अगर आप मैच के बारे में बात कर रहे हैं तो ठीक है, लेकिन जब आप निजी बातों को बीच में लाते हैं, तो सब कुछ बदल जाता है। मैं उन चेहरों के साथ बैठकर काम नहीं कर सकता।" इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर फैंस अब उन नामों को लेकर कयास लगा रहे हैं जिनसे युवराज की अनबन रही है।

कमेंट्री नहीं, तो क्या कर रहे हैं युवराज?

भले ही युवराज सिंह टीवी स्क्रीन पर कमेंट्री करते नहीं दिख रहे, लेकिन वह पर्दे के पीछे भारतीय क्रिकेट के भविष्य को संवारने में जुटे हैं। उन्होंने पंजाब के कई युवा क्रिकेटरों को तराशने का जिम्मा उठाया है। आज सनराइजर्स हैदराबाद के लिए तबाही मचाने वाले अभिषेक शर्मा की सफलता के पीछे युवराज की कड़ी मेहनत है। इसके अलावा, आईपीएल 2026 से ठीक पहले उन्हें ऋषभ पंत को गुर सिखाते और संजू सैमसन की मदद करते हुए भी देखा गया था। युवराज का मानना है कि वह कमेंट्री बॉक्स में बैठकर बोलने के बजाय मैदान पर युवाओं को तैयार करना ज्यादा पसंद करते हैं।

क्रिकेट जगत में चर्चाओं का बाजार गर्म

युवराज सिंह के इस इंटरव्यू ने कई पुराने विवादों को हवा दे दी है। उनके फैंस इस बात से दुखी हैं कि वे अपने चहेते खिलाड़ी की आवाज कमेंट्री में नहीं सुन पाएंगे, लेकिन उनके इस स्टैंड की सराहना भी हो रही है कि उन्होंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया। अब देखना यह होगा कि युवराज के इस 'पर्सनल अटैक' वाले बयान पर कमेंट्री जगत के कौन से दिग्गज अपनी प्रतिक्रिया देते हैं।