Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बनभूलपुरा रेलवे भूमि मामले की सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तावित सुनवाई को ध्यान में रखते हुए बुधवार को सुबह आठ बजे से रात नौ बजे तक पूरे इलाके को कड़ी सुरक्षा घेरे में रखा गया। स्थिति इतनी सख़्त थी कि जीरो ज़ोन में प्रवेश करने वाली स्कूटी तक के अंदर रखा सामान चेक किया गया। पैदल आने वालों के बैग खोलकर देखे गए और आधार कार्ड दिखाने के बाद ही प्रवेश मिल रहा था। लगभग 400 सुरक्षाकर्मियों ने पूरे क्षेत्र में लगातार निगरानी की।
सुनवाई की तारीख बढ़ने के बावजूद ढोलक-गफूरबस्ती और बनभूलपुरा क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। पुलिस, आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीमें किसी भी स्थिति से निपटने को तैयार थीं। आसमान से चार ड्रोन इलाके की निगरानी कर रहे थे, जबकि कंट्रोल रूम की तीसरी आँख 35 सीसीटीवी कैमरों के जरिए 20 जगहों पर नजरें जमाए थी। सुरक्षा ने लोगों को काफी परेशानी भी दी। स्कूल से लौट रहे बच्चों को भी आधार कार्ड दिखाना पड़ा। शाम चार बजे सुप्रीम कोर्ट से सुनवाई आगे बढ़ने की खबर आने के बाद रात नौ बजे जीरो ज़ोन हटा लिया गया।
एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने मौके पर पहुंचकर बनभूलपुरा थाना से लेकर स्टेशन परिसर तक सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने फुटओवर ब्रिज पर चढ़कर ड्रोन कैमरे से रेलवे भूमि पर किए गए अतिक्रमण को भी देखा। साथ ही पुलिस कर्मियों को फूड पैकेट भी बांटे। सुरक्षा व्यवस्था के दौरान एसपी क्राइम, एसपी सिटी, सीओ और स्थानीय थानाध्यक्ष भी मौजूद रहे।
इस बहुचर्चित मामले में 25 दिनों में यह तीसरी बार है जब सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की तारीख आगे बढ़ाई है। अब अगली सुनवाई 16 दिसंबर को रखी गई है। एएसपी अरुणा भारती ने बताया कि स्टेशन पर 200 से ज्यादा जवान तैनात थे। आरपीएफ कमांडेंट पवन श्रीवास्तव के अनुसार ड्रोन द्वारा निगरानी जारी रही और ट्रेन संचालन में कोई बाधा नहीं आई।




