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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले उत्तराखंड से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने एक ऐतिहासिक और कड़ा निर्णय लेते हुए बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर पूर्ण रूप से रोक लगाने का प्रस्ताव पास कर दिया है। मंगलवार को देहरादून में हुई बजट बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया, जिसने आगामी यात्रा सीजन की सुगबुगाहट तेज कर दी है।

मर्यादा और परंपरा की रक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया। समिति का मानना है कि धामों की पवित्रता, मर्यादा और सनातन परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए यह कदम अनिवार्य है। बैठक में स्पष्ट किया गया कि हिमालयी धामों की संवेदनशीलता और धार्मिक महत्व को देखते हुए अब वहां केवल सनातन धर्म को मानने वाले श्रद्धालुओं को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। इस फैसले के बाद अब प्रशासन के सामने यात्रा के दौरान स्क्रीनिंग और पहचान सुनिश्चित करने की बड़ी चुनौती होगी।

121 करोड़ का भारी-भरकम बजट: श्रद्धालुओं को मिलेंगी हाईटेक सुविधाएं

आगामी यात्रा सत्र 2026-27 को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए मंदिर समिति ने 121 करोड़ 7 लाख रुपये का बजट पास किया है। इस बजट का एक बड़ा हिस्सा बुनियादी ढांचे और यात्री सुविधाओं पर खर्च किया जाएगा।

श्री बदरीनाथ धाम: 57 करोड़ रुपये का आवंटन।

श्री केदारनाथ धाम: 63 करोड़ रुपये का आवंटन।

मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बजट पेश करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुसार, केदारनाथ के बाद अब बदरीनाथ धाम में भी पुनर्निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं।

नोट कर लें तारीख: अप्रैल में खुलेंगे बाबा के कपाट

अगर आप भी इस साल बाबा के दर्शनों की योजना बना रहे हैं, तो कपाट खुलने की तिथियां डायरी में नोट कर लें। बीकेटीसी अध्यक्ष ने जानकारी दी कि:

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम: 19 अप्रैल (अक्षय तृतीया) को कपाट खुलेंगे।

श्री केदारनाथ धाम: 22 अप्रैल को भक्त बाबा के दर्शन कर सकेंगे।

श्री बदरीनाथ धाम: 23 अप्रैल को विधि-विधान के साथ कपाट खोले जाएंगे।

सुरक्षा और सुगमता पर जोर

समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएं। उनका कहना है कि सरकार और बीकेटीसी का साझा उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सरल और सुगम दर्शन व्यवस्था उपलब्ध कराना है। इस बार बजट में आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं ताकि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में यात्रियों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।