Prabhat Vaibhav,Digital Desk : अगर आप आज कानपुर-लखनऊ नेशनल हाईवे (NH-27) पर सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो रुक जाइए! उन्नाव के पास बुधवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होने के कारण हाईवे पर भीषण जाम लग गया है। नवीन गंगापुल से लेकर राजधानी मार्ग के महेश मार्ग तक करीब 7 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई है। आलम यह है कि एंबुलेंस से लेकर स्कूली बसें तक इस महाजाम में घंटों से फंसी हुई हैं।
हादसे और संकरे रास्तों ने बिगाड़ा खेल
जाम की मुख्य वजह दही थाना क्षेत्र में दो डंपरों की आपस में जोरदार टक्कर होना बताया जा रहा है। सुबह पीक आवर्स (करीब 9:30 बजे) में जब लोग दफ्तरों और स्कूलों के लिए निकले थे, तभी इस हादसे ने हाईवे की रफ्तार थाम दी। इसके अलावा बालूघाट मोड़ का संकरा रास्ता और सीताराम कॉलोनी के पास नवीन पुल के मुहाने पर वाहनों का दबाव बढ़ने से स्थिति बेकाबू हो गई। हाईवे की मुख्य लेन के साथ-साथ दोनों सर्विस लेन भी पूरी तरह चोक हो गई हैं।
शहर के अंदर तक पहुंची जाम की आंच
हाईवे पर फंसे वाहन चालकों ने जब जल्दी निकलने की होड़ में शहर का रुख किया, तो उन्नाव शहर के अंदरूनी रास्तों की भी सांसें फूल गईं। गदनखेड़ा, दही चौकी, आवास विकास से लेकर बड़ा चौराहा और गांधीनगर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। बाइक सवार गलियों से निकलने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे वहां भी अफरा-तफरी का माहौल है। शुक्लागंज से कानपुर जा रही दो एंबुलेंस भी घंटों तक सायरन बजाती रहीं, लेकिन उन्हें रास्ता नहीं मिल सका।
पुलिस और प्रशासन की मशक्कत जारी
भीषण धूप और गर्मी के बीच यात्री बेहाल नजर आए। मौके पर तैनात पुलिसकर्मी, होमगार्ड और पीआरडी जवान पसीना बहाते हुए जाम खुलवाने में जुटे हैं। यातायात प्रभारी सुनील सिंह और सीओ सिटी विनीत सिंह खुद अपनी टीम के साथ मोर्चा संभाले हुए हैं। गंगाघाट कोतवाल अजय कुमार सिंह ने बताया कि डंपरों को हटाने और संकरे रास्तों पर यातायात सुचारु करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वाहनों का भारी दबाव होने के कारण रफ्तार बेहद धीमी है।
मुसाफिरों की सलाह: वैकल्पिक रास्तों का करें प्रयोग
हाईवे पर फंसे यात्रियों का कहना है कि वे 2 से 3 घंटे से एक ही जगह पर खड़े हैं। स्कूली बच्चों और बुजुर्गों की हालत खराब हो रही है। प्रशासन ने अपील की है कि बहुत जरूरी न हो तो इस रूट पर जाने से बचें या वैकल्पिक मार्गों का चयन करें। दोपहर 1:30 बजे तक भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी थी और वाहन इंच-इंच आगे बढ़ने को मजबूर थे।




