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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : पंजाब की भगवंत मान सरकार ने राज्य में भवन निर्माण और शहरी विकास की दिशा में एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। सरकार ने पिछले साल दिसंबर में लागू किए गए 'पंजाब यूनिफाइड बिल्डिंग रूल्स 2025' को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है। हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है, जिसके बाद अब राज्य में पुराने भवन नियम फिर से प्रभावी हो गए हैं।

क्यों लिया गया यह फैसला?

15 दिसंबर 2025 को राज्य में एकरूपता लाने के उद्देश्य से 'यूनिफाइड बिल्डिंग रूल्स' लागू किए गए थे। हालांकि, इनके लागू होने के बाद से ही शहरी विकास परियोजनाओं और भवन मानचित्रों (Building Maps) की मंजूरी में कई तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं। निर्माण जगत और विकासकर्ताओं (Developers) की ओर से भी इन नियमों को लेकर फीडबैक दिया जा रहा था। प्रशासनिक सुगमता को ध्यान में रखते हुए राज्यपाल की मंजूरी के बाद इन नियमों को पूरी तरह निरस्त करने का निर्णय लिया गया।

अब कौन से नियम होंगे प्रभावी?

अधिसूचना के मुताबिक, यूनिफाइड रूल्स के रद्द होने के साथ ही पुराने नियम स्वतः लागू हो गए हैं। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

पंजाब अर्बन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट बिल्डिंग रूल्स 2021: यह नियम शहरी क्षेत्रों के व्यवस्थित विकास के लिए लागू रहेंगे।

पंजाब म्यूनिसिपल बिल्डिंग बायलाज 2018: नगर निगम क्षेत्रों के भीतर निर्माण कार्यों के लिए अब इसी बायलाज का पालन करना होगा।

आम आदमी और डेवलपर्स पर क्या होगा असर?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव इस तरह से प्रभावी होगा जैसे 'यूनिफाइड बिल्डिंग रूल्स 2025' कभी लागू ही नहीं हुए थे। इसके मुख्य प्रभाव इस प्रकार होंगे:

मंजूरी प्रक्रिया में स्पष्टता: पुराने नियमों की वापसी से उन आवेदकों को राहत मिलेगी जिनके नक्शे नए नियमों के पेचीदा प्रावधानों के कारण अटके हुए थे।

परियोजनाओं की गति: शहरी विकास परियोजनाओं और टाउनशिप प्रोजेक्ट्स में आ रही रुकावटें दूर होने की उम्मीद है।

विशेष आदेशों का प्रावधान: यदि पुराने नियमों को दोबारा लागू करने में किसी प्रकार की तकनीकी बाधा आती है, तो विभाग ने इसके लिए अलग से स्पष्टीकरण या आदेश जारी करने का अधिकार सुरक्षित रखा है।