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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : पंजाब को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिलाने और राज्य की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए भगवंत मान सरकार ने अब 'विदेशी मॉडल' की राह पकड़ ली है। यूरोपीय देशों के दौरे से लौटे उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के अनुभवों के आधार पर अब पंजाब की खेती, शिक्षा और औद्योगिक नीतियों में आमूलचूल बदलाव की तैयारी है। इसका मुख्य उद्देश्य कम संसाधनों में अधिक मुनाफा कमाना और छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्रदान करना है।

नीदरलैंड की तकनीक से बढ़ेगी खेती की पैदावार

मुख्यमंत्री भगवंत मान और उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि नीदरलैंड ने अपनी आधुनिक तकनीक के जरिए कृषि क्षेत्र में क्रांति ला दी है। वहां 'पालीहाउस' और 'ग्लास हाउस' जैसी तकनीकों के इस्तेमाल से पैदावार में 15 से 20 गुना तक की बढ़ोतरी देखी गई है।

कम पानी, ज्यादा फसल: जहां पंजाब में पारंपरिक तरीके से एक स्क्वायर मीटर में 5-6 किलो उत्पादन होता है, वहीं इस मॉडल से यह 80-100 किलो तक पहुंच सकता है।

केमिकल मुक्त खेती: इस तकनीक से न केवल पानी की खपत कम होगी, बल्कि रसायनों (Chemicals) का इस्तेमाल भी लगभग खत्म हो जाएगा, जिससे पंजाब की मिट्टी और स्वास्थ्य दोनों को लाभ मिलेगा।

शिक्षा में फिनलैंड मॉडल: शिक्षकों को मिलेगी सर्वोच्च प्राथमिकता

शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब सरकार फिनलैंड के विश्व प्रसिद्ध मॉडल को अपनाएगी। इस मॉडल की सबसे बड़ी विशेषता शिक्षकों को दी जाने वाली ट्रेनिंग और उन्हें मिलने वाली प्राथमिकता है। इसी तर्ज पर पंजाब में भी सरकारी स्कूलों के सिस्टम को मजबूत किया जाएगा।

JEE परीक्षा पास करने वाले छात्र होंगे सम्मानित: शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने बताया कि हाल ही में जेईई (JEE Main) परीक्षा पास करने वाले राज्य के होनहार विद्यार्थियों को बुधवार को मोहाली के विकास भवन में मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

उद्योग और निवेश: सेमीकंडक्टर और एग्री-टेक पर फोकस

उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा के मुताबिक, यूरोपीय दौरे के दौरान कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने पंजाब में निवेश की इच्छा जताई है। विशेष रूप से एग्री-टेक, फूड प्रोसेसिंग और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश की संभावनाएं बनी हैं। सरकार निवेशकों के लिए 'सिंगल विंडो' मंजूरी और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर देने पर काम कर रही है ताकि रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें।

18 मई को अगला डेलिगेशन होगा रवाना

सरकार की यह मुहिम यहीं नहीं रुकने वाली है। आगामी 18 मई को विशेषज्ञों का एक और डेलिगेशन विदेश भेजा जाएगा। अब तक करीब 200 से अधिक लोग ऐसे अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों का हिस्सा बन चुके हैं। सरकार का मानना है कि इन वैश्विक नीतियों को स्थानीय स्तर पर लागू करने से पंजाब के किसान, छात्र और उद्योगपति—तीनों को सीधा फायदा पहुंचेगा।