img

Prabhat Vaibhav,Digital Desk : भारत सरकार ने दरभंगा एयरपोर्ट के नए सिविल एन्क्लेव के लिए एनएच-27 पर ट्रम्पेट इंटरचेंज और अंडरपास निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना से दरभंगा और मिथिला क्षेत्र के लिए एयरपोर्ट कनेक्टिविटी बेहतर होगी, यात्रियों का आवागमन तेज और सुरक्षित होगा और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

संजय कुमार झा की पहल से मिली मंजूरी
राज्य सभा सदस्य और जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने इसके लिए सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से विशेष आग्रह किया था। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट जाने और वहां से आने वाले यात्रियों को वर्तमान मार्ग में काफी कठिनाई होती थी। इस पहल के बाद एनएचएआई ने बिहार सरकार के प्रस्ताव के अनुसार निर्माण कार्य आरंभ करने के निर्देश दिए हैं।

आवासीय और आर्थिक लाभ
निर्माण पूरा होने के बाद हवाई अड्डा से आमस तक यात्रियों की वाहन यात्रा सीधे और संक्षिप्त मार्ग से संभव होगी। आवागमन में आसानी से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में भी वृद्धि होगी। लोगों की आय बढ़ेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और मिथिला क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।

दरभंगा एयरपोर्ट का वर्तमान परिचालन
दरभंगा एयरपोर्ट बिहार के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों यात्रियों का आवागमन होता है। गुरुवार को एयरपोर्ट से कुल 12 विमानों का संचालन हुआ। मुंबई से आने वाली अकासा एयर की फ्लाइट क्यूपी 1529 ढाई घंटे विलंब से 3:54 बजे पहुंची, जबकि दिल्ली से आने वाली क्यूपी 1405 फ्लाइट छह मिनट पहले ही निर्धारित समय पर पहुंच गई। इसी तरह, स्पाइसजेट और इंडिगो की फ्लाइटों में भी कुछ मिनटों की देरी दर्ज की गई।

एनएच-27 पर ट्रम्पेट इंटरचेंज और अंडरपास के निर्माण के बाद, एयरपोर्ट तक पहुंचना न केवल तेज और सुरक्षित होगा, बल्कि मिथिला और आसपास के जिलों के आर्थिक और सामाजिक विकास में भी मदद मिलेगी। उम्मीद की जा रही है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण शीघ्र ही निर्माण कार्य आरंभ करेगा, जिससे यात्रियों और व्यापारियों दोनों को लाभ मिलेगा।