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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : भारतीय रेलवे ने अपने रनिंग स्टाफ (लोको पायलट और गार्ड) को बड़ी राहत देते हुए लंबी दूरी की तीन प्रमुख ट्रेनों की क्रू व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव किया है। उत्तर रेलवे मुख्यालय के निर्देशानुसार, अब बेगमपुरा एक्सप्रेस, पंजाब मेल और हेमकुंट एक्सप्रेस में क्रू को 400 किलोमीटर से अधिक की लंबी ड्यूटी नहीं करनी होगी। शुक्रवार से लागू हुई इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य रेल कर्मचारियों की थकान कम करना और ट्रेनों के परिचालन को अधिक सुरक्षित बनाना है।

बेगमपुरा और पंजाब मेल के क्रू रूट में हुआ विभाजन

वाराणसी से जम्मूतवी के बीच चलने वाली 12237/12238 बेगमपुरा एक्सप्रेस अब तक मुरादाबाद से लुधियाना के बीच एक ही क्रू द्वारा चलाई जा रही थी। अब इस सफर को दो हिस्सों में बांट दिया गया है; अब एक क्रू मुरादाबाद से अंबाला तक जाएगा और दूसरा अंबाला से लुधियाना तक। इसी तरह, फिरोजपुर से नई दिल्ली तक चलने वाली 12137/12138 पंजाब मेल में अब बठिंडा स्टेशन पर क्रू चेंज होगा। अब फिरोजपुर से बठिंडा और बठिंडा से नई दिल्ली के लिए अलग-अलग टीमें तैनात रहेंगी।

हेमकुंट एक्सप्रेस की ड्यूटी भी हुई छोटी

ऋषिकेश से श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा के बीच चलने वाली 14609/14610 हेमकुंट एक्सप्रेस में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पहले लुधियाना से हरिद्वार के बीच एक ही क्रू कार्यरत था, लेकिन अब इसे विभाजित कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब लुधियाना से सहारनपुर तक एक टीम और सहारनपुर से योगनगरी ऋषिकेश तक दूसरी टीम ट्रेन की कमान संभालेगी। रेलवे का मानना है कि इस बदलाव से कर्मचारियों को पर्याप्त आराम मिलेगा और वे अधिक सतर्कता के साथ ट्रेन चला सकेंगे।

कम यात्री वाले स्टेशनों से हट सकता है ट्रेनों का ठहराव

क्रू नियमों में बदलाव के साथ-साथ रेलवे एक और बड़े कदम की तैयारी में है। रेलवे उन स्टेशनों की समीक्षा कर रहा है जहाँ एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव तो है, लेकिन यात्रियों की संख्या बहुत कम है। आकलन के मुताबिक, कम यात्रियों वाले स्टॉपेज हटाने से लंबी दूरी की ट्रेनों के समय में एक से डेढ़ घंटे की बचत हो सकेगी। मुरादाबाद, फिरोजपुर और अंबाला मंडल के डीआरएम कार्यालयों को इन नई व्यवस्थाओं को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दे दिए गए हैं।