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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत ई-केवाईसी और फार्मर आईडी बनाने में लगातार लापरवाही सामने आने पर भागलपुर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कृषि और राजस्व विभाग के छह वरिष्ठ अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगते हुए उनका वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया है।

बुधवार देर रात हुई इस कार्रवाई से जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। गुरुवार को सभी संबंधित अधिकारियों को जिलाधिकारी कार्यालय में तलब किया गया, जहां उनसे सीधे जवाब मांगा गया।

लक्ष्य से पीछे रही जिले की प्रगति

डीएम कार्यालय के अनुसार, एग्री स्टैक परियोजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री और ई-केवाईसी कार्य को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके थे। समीक्षा बैठक में पाया गया कि भागलपुर जिले की प्रगति तय लक्ष्यों से काफी पीछे है।

कार्रवाई की जद में आए अधिकारियों में

उप निदेशक कृषि अभियंत्रण निशांत कुमार

सहायक निदेशक ईख संदीप कुमार

सहायक निदेशक रसायन केशव कुमार गुप्ता

जिला उद्यान पदाधिकारी मधु प्रिया

सहायक निदेशक पौधा संरक्षण सुजीत कुमार पाल

सहायक निदेशक शस्य भूमि संरक्षण विकास कुमार

शामिल हैं।

डीएम ने जताई नाराजगी

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई, जो विभागीय आदेशों की अवहेलना है। उन्होंने चेतावनी दी कि 24 घंटे के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।

अधिकारियों ने रखी आपत्ति

गुरुवार को अधिकारियों ने जिलाधिकारी के सामने अपना पक्ष रखा। कुछ अधिकारियों का कहना था कि वे लगातार मॉनिटरिंग कर रहे थे, इसके बावजूद कार्रवाई की गई। सहायक निदेशक ईख संदीप कुमार ने दावा किया कि उनके दायित्व स्पष्ट नहीं होने के बावजूद उनसे जवाब मांगा गया है। इसी तरह पौधा संरक्षण विभाग के अधिकारी ने भी कार्रवाई पर आपत्ति जताई।

फार्मर रजिस्ट्री में गिरावट बनी कारण

फार्मर रजिस्ट्री के आंकड़ों ने भी प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार को जहां 4891 किसानों की रजिस्ट्री हुई, वहीं गुरुवार को यह संख्या घटकर 1408 रह गई। पिछले तीन दिनों में भागलपुर जिला राज्य में 11वें स्थान पर फिसल गया है।

डीएम ने निर्देश दिया है कि नई जमाबंदी वाले किसानों से सीधे संपर्क कर फार्मर आईडी बनाई जाए। साथ ही, ई-केवाईसी और फार्मर आईडी से जुड़े विशेष शिविर शुक्रवार तक जारी रहेंगे। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आगे और अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।