Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार (2 अप्रैल 2026) को हनुमान जयंती के पावन अवसर पर रामनगर स्थित प्रसिद्ध हनुमान धाम, छोई पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यहाँ संकटमोचन हनुमान जी के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में आयोजित विशाल भंडारे में शिरकत की और स्वयं श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। सीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देवभूमि की पहचान इसके 'देवत्व' से है और इसके सांस्कृतिक मूल्यों को बचाने के लिए सरकार कोई समझौता नहीं करेगी।
यूसीसी की गंगा उत्तराखंड से निकली: मुख्यमंत्री
हनुमान धाम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने समान नागरिक संहिता (UCC) का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "उत्तराखंड को देश का पहला राज्य बनने का गौरव मिला है जिसने यूसीसी लागू किया। यहाँ से समानता की जो गंगा निकली है, वह अब अन्य राज्यों तक भी पहुंचेगी।" उन्होंने हनुमान धाम को एक अलौकिक आध्यात्मिक केंद्र बताते हुए कहा कि ऐसे स्थलों से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलता है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होते हैं।
हनुमान धाम को 'पांचवें धाम' की मान्यता मिले: महामंडलेश्वर
तीन दिवसीय हनुमान जन्मोत्सव कार्यक्रम के दौरान महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानंद महाराज ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहाँ 11 प्रमुख धाम होने चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि रामनगर के इस भव्य हनुमान धाम को 'पांचवें धाम' के रूप में आधिकारिक मान्यता दी जाए। स्वामी जी ने इस मंदिर की तुलना अयोध्या के श्रीराम मंदिर की दिव्यता से करते हुए इसे उत्तर भारत का एक अनूठा केंद्र बताया।
संगठनात्मक बैठक और कार्यकर्ताओं को मंत्र
हनुमान धाम जाने से पूर्व मुख्यमंत्री ने रामनगर में भाजपा के 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान' की बैठक को भी संबोधित किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को आगामी चुनावों के लिए कमर कसने और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया। इसके पश्चात उन्होंने प्रसिद्ध सिद्धपीठ श्री बालाजी मंदिर में भी माथा टेका। कार्यक्रम के समापन पर हनुमान सेवा ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को गदा भेंट कर उनका भव्य स्वागत किया।




