Prabhat Vaibhav,Digital Desk : बख्तियारपुर में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफिले को पुराने परिचित सारो प्रसाद ने रुकवाया। भावनात्मक बातचीत में उन्होंने मुख्यमंत्री से अपनी समस्या सामने रखी और कहा, “गरीबों पर ध्यान दीजिए, आपकी पुरानी टीम में हम अकेले बचे हैं।”
मुख्यमंत्री ने तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया
सारो प्रसाद की आवाज सुनकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने काफिले को रोका और उनके पास पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि सारो प्रसाद का आवेदन लेकर आवास निर्माण से जुड़ी समस्या का शीघ्र निवारण किया जाए। मुख्यमंत्री की इस मानवीय पहलू को देख मौके पर मौजूद लोग भावुक हो गए।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सारो प्रसाद पहले भी मुख्यमंत्री के बख्तियारपुर आगमन के दौरान अपनी समस्याएं रख चुके हैं। इस बार उन्होंने मुख्य रूप से आवासीय जमीन का मुद्दा उठाया।
स्थानीय प्रशासन ने तुरंत कदम उठाए
एसडीएम गरिमा लोहिया ने बताया कि लंबित आवेदनों की समीक्षा की जा रही है और सारो प्रसाद के आवासीय जमीन से जुड़े मामले को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन ने सभी आवश्यक औपचारिकताओं को जल्द पूरा करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है।
सारो प्रसाद ने मुख्यमंत्री से भावुक अंदाज में कहा, “मैं आपका दोस्त हूं, हुजूर, आपने आने में बहुत देर कर दी।” यह संवाद वर्षों पुरानी पहचान और भरोसे के रिश्ते की झलक दिखाता है।
सत्ता के शीर्ष पर रहते हुए भी जनता से जुड़े रहने का संदेश
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सत्ता के शीर्ष पर होते हुए भी अपने पुराने साथियों और आम जनता की समस्याओं को सुनने और निपटाने से पीछे नहीं हटते। अब नजरें प्रशासन की कार्यवाही पर टिकी हैं कि सारो प्रसाद की समस्या कितनी जल्दी हल होती है।




