Prabhat Vaibhav,Digital Desk : केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए चल रहे धुआंधार प्रचार के बीच कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे के एक बयान ने देशभर में सियासी भूचाल ला दिया है। चुनावी जोश में होश खोते हुए खर्गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधने के चक्कर में पूरे गुजरात राज्य के लोगों को 'अशिक्षित और अनपढ़' करार दे दिया। इस बयान के बाद भाजपा हमलावर हो गई है और इसे 6 करोड़ गुजरातियों की अस्मिता और अपमान से जोड़कर कांग्रेस को घेर रही है।
केरल को बताया 'समझदार', गुजरात का उड़ाया मजाक
9 अप्रैल को होने वाले केरल विधानसभा चुनाव के लिए आयोजित एक जनसभा में मल्लिकार्जुन खर्गे ने प्रधानमंत्री मोदी और केरल के मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन पर एक साथ हमला बोला। खर्गे ने कहा, "मोदी जी, आप गुजरात या अन्य जगहों के निरक्षर और अनपढ़ लोगों को तो अपनी बातों से बेवकूफ बना सकते हैं, लेकिन केरल के शिक्षित लोगों को मूर्ख नहीं बना सकते।" उन्होंने केरल की जनता की तारीफ करते हुए कहा कि यहां के लोग दुनिया भर में फैले हैं और बेहद बुद्धिमान हैं, जबकि उनके भाषण का लहजा गुजरात के प्रति अपमानजनक नजर आया।
भाजपा का तीखा प्रहार: 'यह गुजरात की जनता का सीधा अपमान है'
खर्गे का वीडियो वायरल होते ही भाजपा ने इसे हाथों-हाथ लिया और कांग्रेस पर चौतरफा हमला शुरू कर दिया है। भाजपा के प्रदेश सह-प्रवक्ता और सांसद धवल पटेल ने कड़े शब्दों में कहा कि कांग्रेस के बड़े नेताओं के मन में गुजरात के प्रति जो नफरत भरी है, वह आज फिर सबके सामने आ गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या गुजरात के व्यापारिक कौशल, शिक्षा और प्रगति को कांग्रेस 'अशिक्षित' होने का प्रमाणपत्र देना चाहती है? भाजपा ने इसे प्रधानमंत्री के गृह राज्य को नीचा दिखाने की एक और कोशिश करार दिया है।
गुजरात कांग्रेस के नेताओं को मिली खुली चुनौती
विवाद बढ़ता देख भाजपा ने अब गुजरात कांग्रेस के स्थानीय दिग्गजों—अमित चावड़ा और तुषार चौधरी—को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। भाजपा ने चुनौती देते हुए पूछा कि जब उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष सार्वजनिक मंच से गुजरातियों को 'अनपढ़' कह रहे हैं, तो क्या इन नेताओं में इतनी हिम्मत है कि वे इस बयान का विरोध कर सकें? भाजपा का कहना है कि चुनाव जीतने के लिए एक राज्य के लोगों को दूसरे राज्य से बेहतर बताना और किसी को नीचा दिखाना कांग्रेस की पुरानी बांटने वाली राजनीति का हिस्सा है।
चुनाव पर क्या होगा खर्गे के इस 'सेल्फ गोल' का असर?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि खर्गे का यह बयान केरल में कांग्रेस को फायदा पहुंचाए या न पहुंचाए, लेकिन आने वाले समय में गुजरात और अन्य राज्यों में पार्टी के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है। भाजपा इस मुद्दे को 'गुजराती अस्मिता' से जोड़कर आगामी चुनावों में भुनाने की पूरी तैयारी में है। अब देखना यह है कि क्या कांग्रेस इस बयान पर सफाई पेश करती है या यह विवाद चुनाव की दिशा ही बदल देता है।




