Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के पॉश इलाकों में शुमार गांधी नगर क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़े सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। एक रिहायशी मकान में चल रहे इस अनैतिक व्यापार की सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने जब छापेमारी की, तो वहां का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए। पुलिस ने मौके से देह व्यापार के नेटवर्क को संचालित करने वाले दो मुख्य संचालकों सहित कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और स्थानीय लोग भी सकते में हैं।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल
जानकारी के अनुसार, देहरादून पुलिस को पिछले काफी समय से गांधी नगर के एक बंद मकान में संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सादे कपड़ों में निगरानी शुरू की। जैसे ही पुख्ता जानकारी मिली कि मकान के भीतर देह व्यापार का नेटवर्क चलाया जा रहा है, पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और स्थानीय थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से छापा मार दिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से वहां मौजूद लोगों को भागने का मौका तक नहीं मिला और पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को दबोच लिया।
हाईप्रोफाइल नेटवर्क और ऑनलाइन बुकिंग का शक
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह काफी संगठित तरीके से काम कर रहा था। सूत्रों के मुताबिक, ग्राहकों को बुलाने के लिए व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सहारा लिया जा रहा था। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन और कॉल डिटेल्स खंगाल रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सफेदपोशों और दलालों के चेहरे बेनकाब किए जा सकें। आशंका जताई जा रही है कि इस रैकेट के तार अन्य शहरों से भी जुड़े हो सकते हैं और इसमें बाहरी राज्यों की युवतियों को भी शामिल किया गया था।
क्षेत्र में दहशत, पुलिस की सख्त कार्रवाई की चेतावनी
गांधी नगर जैसे शांत और संभ्रांत इलाके में देह व्यापार के खुलासे ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम (PITA) के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में इस तरह की अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और किराएदारों का सत्यापन न कराने वाले मकान मालिकों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि यह धंधा कब से फल-फूल रहा था।
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