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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : आज 2 अप्रैल 2026 को देशभर में चैत्र पूर्णिमा यानी हनुमान जयंती का महापर्व बेहद भक्तिभाव से मनाया जा रहा है। बजरंगबली के जन्मोत्सव पर मंदिरों में भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है। यदि आप अपनी व्यस्तता या नौकरी के कारण सुबह के समय संकटमोचन की पूजा नहीं कर पाए हैं, तो निराश होने की जरूरत नहीं है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हनुमान जी की उपासना के लिए संध्या काल (शाम का समय) अत्यंत प्रभावशाली और शुभ माना गया है। आइए जानते हैं आज शाम पूजा का सबसे सटीक मुहूर्त और विधि।

आज शाम पूजा का शुभ मुहूर्त: नोट करें समय

पंचांग गणना के अनुसार, हनुमान जयंती पर शाम के समय पूजा करना उन लोगों के लिए विशेष फलदायी है जो मानसिक शांति और गृह क्लेश से मुक्ति चाहते हैं। आज शाम का शुभ मुहूर्त इस प्रकार है:

संध्या शुभ मुहूर्त: शाम 06:39 से रात 08:06 बजे तक।

महत्व: इस समय को 'विजय मुहूर्त' के समान माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्यास्त के समय हनुमान चालीसा का पाठ करने से ग्रहों की बाधाएं और नकारात्मक ऊर्जा तुरंत दूर हो जाती है।

संध्या पूजा की सरल और प्रभावशाली विधि

शाम की पूजा का पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए इन चरणों का पालन करें:

शुद्धि और वस्त्र: शाम को पूजा से पहले स्नान करें या हाथ-पैर धोकर स्वच्छ हो जाएं। हनुमान जी की पूजा में लाल या पीले रंग के वस्त्र पहनना अत्यंत शुभ होता है।

दीप प्रज्वलन: हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं। यदि चमेली का तेल न हो, तो गाय के शुद्ध घी का उपयोग करें।

चोला और सिंदूर: यदि संभव हो, तो हनुमान जी को चोला चढ़ाएं या चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर उनके मथे पर तिलक लगाएं।

विशेष भोग: पवनपुत्र को बूंदी के लड्डू या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।

मंत्र और पाठ: इस विशेष अवसर पर हनुमान चालीसा का 7 बार पाठ करना चमत्कारिक लाभ देता है। साथ ही 'ॐ हनुमते नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें।

क्यों खास है शाम की उपासना?

हनुमान जी को 'अष्ट सिद्धि और नवनिधि' का दाता माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, संध्या काल में हनुमान जी पृथ्वी पर विचरण करते हैं और अपने भक्तों की पुकार सुनते हैं। जो लोग आर्थिक तंगी या स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, उनके लिए आज शाम का यह डेढ़ घंटा (6:39 PM - 8:06 PM) वरदान साबित हो सकता है। पूजा के अंत में बजरंगबली की आरती जरूर करें और जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगें।