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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया में अब पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मसौरा में नया ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर (डीटीआई) बनकर तैयार हो चुका है। अगले एक महीने के भीतर यहां स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस के टेस्ट की नई व्यवस्था लागू होने वाली है।

इस नई व्यवस्था में किसी भी तरह की सिफारिश या गड़बड़ी की संभावना नहीं रहेगी। सेंसर और कैमरों से लैस ट्रैक पर आवेदकों का टेस्ट होगा। टेस्ट के दौरान अगर गाड़ी लाइन से बाहर जाती है, पोल से टकराती है या ढलान पर पीछे खिसकती है, तो सेंसर तुरंत कंट्रोल रूम को संकेत भेज देगा। टेस्ट के हर पहलू जैसे गियर, ब्रेक, स्पीड, लेफ्ट/राइट टर्न, ढाल पर वाहन की स्थिति आदि पर निगरानी होगी।

टेस्ट पूरा होते ही परिणाम आवेदक के पंजीकृत फोन नंबर पर मिल जाएगा। पास होने पर 15 दिन के भीतर लाइसेंस सीधे घर पर पहुंच जाएगा। फेल होने पर आवेदक 7 दिन बाद पुनः टेस्ट दे सकता है।

नई प्रणाली के फायदे:

पूर्ण पारदर्शिता: क्षेत्रीय निरीक्षक की व्यक्तिगत मर्जी से परिणाम प्रभावित नहीं होंगे।

ऑनलाइन रिकॉर्डिंग: टेस्ट की वीडियोग्राफी होगी और कोई भी इसे ऑनलाइन देख सकेगा।

सेंसर आधारित टेस्ट: गाड़ी के हर मूवमेंट का सटीक आंकलन होगा।

ऑटोमेटिक परिणाम: टेस्ट खत्म होते ही पास या फेल जानकारी तुरंत मिल जाएगी।

परिवहन विभाग ने बताया कि डीटीआई में बनने वाले ट्रैक पर हिल क्लाइंब, रोडसाइड पार्किंग, 8-बनाना, S-बनाना, H-बनाना और रिवर्स ड्राइविंग सहित सभी जरूरी परीक्षण सेंसरयुक्त होंगे। आवेदकों को सभी टेस्ट सफलतापूर्वक पास करने के बाद ही डीएल मिलेगा।

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) विपिन चौधरी के अनुसार, मसौरा डीटीआई के पूरा होने के बाद ड्राइविंग टेस्ट पूरी तरह से पारदर्शी और ऑटोमेटिक होगा, जिससे लोगों को किसी तरह की गड़बड़ी या अन्य कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा।