Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में बक्सर जिले को एक बड़ी सांस्कृतिक और शैक्षणिक सौगात दी गई। कैबिनेट ने डुमरांव में भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्ला खां के नाम पर प्रस्तावित संगीत महाविद्यालय के निर्माण के लिए 87 करोड़ 81 लाख 43 हजार 400 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस फैसले से लंबे समय से प्रतीक्षित परियोजना को आखिरकार नई गति मिल गई है।
पुरानी योजना रद्द, नई और विस्तृत परियोजना को हरी झंडी
उच्च शिक्षा विभाग ने पहले इस संगीत महाविद्यालय के लिए फरवरी 2025 में 14 करोड़ 52 लाख 15 हजार रुपये की स्वीकृति दी थी। हालांकि, इस राशि को संस्थान के समुचित विकास के लिए अपर्याप्त मानते हुए राज्य सरकार ने पुरानी योजना को रद्द कर दिया। अब राज्य योजना मद के तहत एक नई और व्यापक परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिसमें आधुनिक शैक्षणिक ढांचे का निर्माण किया जाएगा।
भवन, फर्नीचर और बुनियादी ढांचे का होगा निर्माण
नई स्वीकृति के तहत संगीत महाविद्यालय परिसर में शैक्षणिक भवन, फर्नीचर, आंतरिक सड़कें और चाहरदीवारी का निर्माण किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि यह संस्थान केवल नाम का नहीं, बल्कि सुविधाओं के लिहाज से भी एक उच्च स्तरीय संगीत शिक्षा केंद्र बने।
वर्षों पुरानी घोषणा अब जमीन पर उतरने को तैयार
गौरतलब है कि उस्ताद बिस्मिल्ला खां की जन्मस्थली डुमरांव में संगीत महाविद्यालय खोलने की घोषणा कई वर्ष पहले की गई थी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पूर्व कार्यकाल के दौरान इस संस्थान की स्थापना की बात कही थी। इसके बाद भूमि चयन और शुरुआती प्रक्रियाएं भी शुरू हुईं, लेकिन बजट और परियोजना के स्वरूप को लेकर मामला लंबे समय तक आगे नहीं बढ़ सका।
लगातार उठती रही स्थानीय मांग
बीते वर्षों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सांस्कृतिक संगठनों और बुद्धिजीवियों की ओर से इस परियोजना को शीघ्र शुरू कराने की मांग होती रही। वर्ष 2025 में पहली बार औपचारिक मंजूरी मिली, लेकिन कम बजट के कारण व्यापक योजना की जरूरत महसूस की गई। अब कैबिनेट की नई स्वीकृति के साथ इस मांग को ठोस आधार मिल गया है।
शाहाबाद क्षेत्र के युवाओं को मिलेगा संगीत शिक्षा का मंच
प्रस्तावित उस्ताद बिस्मिल्ला खां संगीत महाविद्यालय में शास्त्रीय संगीत के साथ-साथ अन्य संगीत विधाओं की भी पढ़ाई कराई जाएगी। इससे बक्सर के साथ पूरे शाहाबाद प्रमंडल के युवाओं को उच्च स्तरीय संगीत शिक्षा का अवसर मिलेगा। साथ ही निर्माण और बाद में संचालन के दौरान स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।




