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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : रायबरेली में बिजली विभाग द्वारा पुराने मीटर बदलकर स्मार्ट मीटर लगाने का काम जारी है, लेकिन उपभोक्ताओं को अब तक अपेक्षित सुविधा नहीं मिल पाई है। कई लोगों का दावा है कि मीटर बदलने के बाद उनके बिल समय पर नहीं बन रहे, जिससे उन्हें वित्तीय परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

उपभोक्ताओं के अनुभव

केस 1 – सोनिया नगर:
अगस्त में सत्य प्रकाश के घर स्मार्ट मीटर लगाया गया। उन्होंने बताया कि सितंबर के बाद से बिल नहीं आया, कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।

केस 2 – जवाहर विहार कालोनी:
सीमा वाजपेयी के यहां भी अगस्त में मीटर बदला गया, लेकिन चार माह बीत जाने के बाद भी बिल नहीं आया।

केस 3 – जवाहर विहार:
मोहन प्रसाद ने बताया कि उनके घर में सितंबर में मीटर बदला गया, लेकिन बिल न बनने के कारण उन्होंने एसडीओ और उच्च अधिकारियों के कार्यालय तक कई चक्कर लगाए।

केस 4 – बछरावां:
प्रज्ञा देवी के घर में अक्टूबर में मीटर लगाया गया, लेकिन ढाई महीने बीतने के बाद भी बिल तैयार नहीं हुआ। लंबे समय तक बिल न बनने पर भविष्य में अधिक बिल जमा करने की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।

विभाग का रुख

मुख्य अभियंता रामकुमार ने कहा कि सभी पुराने मीटरों को समय पर जमा कराकर ऑनलाइन दर्ज किया जा रहा है।
उन्होंने निर्देश दिए हैं कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का निस्तारण किया जाएगा और यदि कहीं कोई समस्या हो रही है तो उसका समाधान कराया जाएगा।

उपभोक्ता संदेश

स्मार्ट मीटर का उद्देश्य बिल संबंधी समस्याओं को समाप्त करना था, लेकिन उपभोक्ता अभी तीन से पांच महीने तक बिल का इंतजार कर रहे हैं, जिससे परेशानी बढ़ गई है। विभाग को चाहिए कि जल्द से जल्द बिलिंग प्रक्रिया को नियमित करे और उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाए।