Prabhat Vaibhav,Digital Desk : उत्तर प्रदेश में चिलचिलाती गर्मी की दस्तक से पहले ही योगी सरकार एक्शन मोड में आ गई है। प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि इस साल गर्मियों में किसी भी गांव में पानी की किल्लत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जल जीवन मिशन की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को दो-टूक लहजे में हिदायत दी है कि पेयजल आपूर्ति में लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। सरकार का लक्ष्य हर घर तक शुद्ध पेयजल की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करना है।
इंजीनियरों को 'होमवर्क': रोजाना 10 ग्राम प्रधानों को करना होगा फोन
जलशक्ति मंत्री ने पेयजल संकट को जड़ से खत्म करने के लिए एक अनोखी पहल शुरू की है। अब विभागीय इंजीनियरों को केवल दफ्तर में बैठकर फाइलें नहीं पलटनी होंगी, बल्कि उन्हें जमीन पर उतरना होगा। निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक इंजीनियर प्रतिदिन कम से कम 10 ग्राम प्रधानों से सीधे बात करेंगे। इस बातचीत का मकसद गांव में जलापूर्ति की वास्तविक स्थिति जानना और किसी भी तकनीकी खराबी को तत्काल दूर करना है। जनता से सीधा संवाद ही इस मिशन की सफलता की कुंजी बनेगा।
सड़क मरम्मत के लिए 'डेडलाइन' जारी, लापरवाही पर गिरेगी गाज
जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों को लेकर आ रही शिकायतों पर मंत्री ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने आदेश दिया है कि पाइपलाइन का काम पूरा होने के बाद सड़कों की मरम्मत का कार्य मार्च के अंत तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए। अधिकारियों को खुद मौके पर जाकर गुणवत्ता की जांच करने को कहा गया है। यदि कार्यदायी संस्थाओं ने मानक के अनुरूप काम नहीं किया या देरी की, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जनप्रतिनिधियों और जनता के बीच बढ़ेगा तालमेल
समीक्षा बैठक के दौरान स्वतंत्र देव सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि योजनाओं की प्रगति को गोपनीय रखने के बजाय स्थानीय जनप्रतिनिधियों (सांसद, विधायक) के साथ साझा किया जाए। उन्होंने कहा कि इंजीनियरों को अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को समय-समय पर अपडेट देना चाहिए ताकि विकास कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे। बैठक में अपर मुख्य सचिव नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति, अनुराग श्रीवास्तव सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें गर्मियों के लिए 'एक्शन प्लान' तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।




