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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : आज के दौर में ओरल हाइजीन को लेकर लोग काफी जागरूक हुए हैं। सांसों की ताजगी और दांतों की चमक के लिए माउथवॉश का इस्तेमाल अब हर घर की जरूरत बन गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस माउथवॉश को आप सेहत के लिए अच्छा मान रहे हैं, वही आपके रक्तचाप (Blood Pressure) को अनियंत्रित कर सकता है? हालिया मेडिकल रिपोर्ट्स और डॉक्टरों की चेतावनी ने इस विषय पर एक नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि माउथवॉश का जरूरत से ज्यादा उपयोग शरीर के भीतर एक साइलेंट किलर की भूमिका निभा सकता है।

मुंह के 'मित्र बैक्टीरिया' पर पड़ता है बुरा असर

डॉक्टरों के अनुसार, हमारे मुंह में करोड़ों सूक्ष्म जीव होते हैं, जिनमें से सभी हानिकारक नहीं होते। इनमें से 'अच्छे बैक्टीरिया' हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये बैक्टीरिया भोजन में मौजूद नाइट्रेट को नाइट्राइट में बदलने का काम करते हैं। जब हम शक्तिशाली एंटीसेप्टिक माउथवॉश का उपयोग करते हैं, तो यह हानिकारक कीटाणुओं के साथ-साथ इन मित्र बैक्टीरिया को भी खत्म कर देता है।

नाइट्रिक ऑक्साइड की कमी और बीपी का कनेक्शन

शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड का उत्पादन हमारे ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए अनिवार्य है। यह गैस रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को आराम देने और उन्हें फैलाने में मदद करती है, जिससे रक्त का प्रवाह सुचारू बना रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि माउथवॉश की वजह से जब मुंह के बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं, तो शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड का स्तर गिरने लगता है। इसका सीधा असर हमारी धमनियों पर पड़ता है, जिससे सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।

90 प्रतिशत तक खत्म हो सकते हैं लाभकारी बैक्टीरिया

कुछ क्लिनिकल अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि एंटीबैक्टीरियल माउथवॉश के नियमित इस्तेमाल से मुंह के लाभकारी बैक्टीरिया की संख्या में 90 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है। महज कुछ दिनों के लगातार उपयोग से ही लार में नाइट्रेट का स्तर कम हो जाता है। डॉक्टरों का मानना है कि दिन में दो बार से अधिक माउथवॉश का प्रयोग करने वाले लोगों में भविष्य में हाइपरटेंशन (High Blood Pressure) का खतरा काफी बढ़ जाता है।

कब और कैसे करें माउथवॉश का सही इस्तेमाल?

मेडिकल एक्सपर्ट्स की सलाह है कि माउथवॉश को ब्रश करने का विकल्प कभी न समझें। इसका उपयोग केवल विशेष परिस्थितियों में ही करना चाहिए, जैसे कि मसूड़ों की बीमारी, दांतों की सर्जरी के बाद या डॉक्टर के परामर्श पर। दांतों की सफाई के लिए आज भी ब्रश और फ्लॉसिंग को ही सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका माना जाता है। अगर आप भी अपनी डेली रूटीन में माउथवॉश का अंधाधुंध इस्तेमाल कर रहे हैं, तो सावधान हो जाएं और इसे केवल जरूरत पड़ने पर ही अपनाएं।