Prabhat Vaibhav,Digital Desk : वर्क फ्रॉम होम (WFH) के दौर में लैपटॉप हमारी जीवनशैली का अनिवार्य हिस्सा बन गया है। अक्सर आराम के लिए लोग लैपटॉप को मेज पर रखने के बजाय अपनी गोद (Lap) में रखकर घंटों काम करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह छोटी सी आदत आपकी पिता बनने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है? हालिया रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की राय के अनुसार, लैपटॉप से निकलने वाली गर्मी और रेडिएशन पुरुषों की प्रजनन क्षमता (Fertility) के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।
गर्मी का असर: शुक्राणुओं का 'दुश्मन' है हाई टेम्परेचर
वैज्ञानिकों के अनुसार, पुरुषों के अंडकोष (Testicles) शरीर के सामान्य तापमान से लगभग 2 से 3 डिग्री सेल्सियस कम तापमान पर ही सही ढंग से काम कर पाते हैं। यही कारण है कि वे शरीर के बाहर स्थित होते हैं।
तापमान में वृद्धि: जब लैपटॉप को सीधे जांघों पर रखा जाता है, तो इसकी बैटरी और प्रोसेसर से निकलने वाली गर्मी अंडकोषों का तापमान बढ़ा देती है।
अध्ययन के नतीजे: 2005 के एक शोध के मुताबिक, लैपटॉप के इस्तेमाल से अंडकोषों का तापमान लगभग 2.8 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। यह गर्मी शुक्राणुओं के उत्पादन को धीमा कर देती है और उनकी गुणवत्ता (Quality) को खराब कर सकती है।
विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र (EMF) और वाई-फाई का खतरा
लैपटॉप केवल गर्मी ही नहीं, बल्कि अदृश्य ऊर्जा तरंगें यानी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड (EMF) भी उत्सर्जित करता है।
डीएनए को नुकसान: विशेषज्ञों का मानना है कि वाई-फाई और लैपटॉप से निकलने वाले रेडिएशन के लंबे समय तक संपर्क में रहने से शुक्राणुओं के DNA को नुकसान पहुंच सकता है।
गतिशीलता में कमी: रेडिएशन के कारण शुक्राणुओं की गति (Motility) धीमी हो जाती है, जिससे उनका अंडे (Egg) तक पहुंचना और उसे फर्टिलाइज करना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, शुक्राणुओं के आकार और संरचना में भी बदलाव आ सकता है।
क्या इससे नपुंसकता हो सकती है?
विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि लैपटॉप के इस्तेमाल और पूर्ण नपुंसकता के बीच सीधा संबंध अभी पूरी तरह साबित नहीं हुआ है, लेकिन बांझपन (Infertility) का जोखिम निश्चित रूप से बढ़ जाता है। लगातार रेडिएशन और गर्मी के संपर्क में रहने से स्पर्म काउंट (Sperm Count) में भारी गिरावट आ सकती है, जो भविष्य में गर्भधारण में समस्या पैदा कर सकता है।
बचाव के लिए क्या करें? विशेषज्ञों की सलाह
अपनी प्रजनन क्षमता को सुरक्षित रखने के लिए डॉक्टर कुछ आसान बदलावों का सुझाव देते हैं:
लैपटॉप डेस्क का उपयोग: लैपटॉप को हमेशा मेज या 'लैपटॉप स्टैंड' पर रखकर काम करें। इसे सीधे शरीर के संपर्क में न आने दें।
ब्रेक लें: अगर गोद में रखना मजबूरी हो, तो बीच-बीच में ब्रेक लें और लैपटॉप को हटा दें।
जीवनशैली में बदलाव: बहुत टाइट कपड़े पहनने से बचें, गर्म पानी से लंबे समय तक नहाने (Hot Tubs) से परहेज करें और स्वस्थ वजन बनाए रखें।
कूलिंग पैड: लैपटॉप के नीचे कूलिंग पैड का इस्तेमाल करें ताकि गर्मी सीधे शरीर तक न पहुंचे।




