img

Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मध्य प्रदेश के इंदौर में हाल ही में हुई दर्दनाक घटना ने देशभर के शहरी प्रशासन को एक कड़ा संदेश दिया है। यह हादसा साफ तौर पर बताता है कि अगर बुनियादी ढांचे की समय रहते मरम्मत न की जाए और चेतावनियों को नजरअंदाज किया जाए, तो इसकी कीमत आम लोगों को अपनी जान से चुकानी पड़ सकती है।

इसी पृष्ठभूमि में सेकेंड इनिंग्स एसोसिएशन ने चंडीगढ़ प्रशासन से जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्था को लेकर तुरंत ठोस कदम उठाने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि इंदौर जैसी किसी घटना का इंतजार करना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।

फेज-1 के सेक्टरों में सबसे ज्यादा जोखिम

एसोसिएशन के अनुसार, चंडीगढ़ के फेज-1 के कई सेक्टरों में पानी और सीवरेज की लाइनें 70 साल से भी ज्यादा पुरानी हो चुकी हैं। इन जर्जर लाइनों के कारण आए दिन दूषित, बदबूदार और काले पानी की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसके बावजूद अब तक इनका स्थायी समाधान नहीं किया गया है।

30 प्रतिशत से ज्यादा पानी हो रहा बर्बाद

प्रशासनिक आंकड़ों का हवाला देते हुए एसोसिएशन ने बताया कि शहर में 30 प्रतिशत से अधिक पानी लीकेज के कारण बर्बाद हो रहा है। यह सिर्फ पानी की बर्बादी नहीं है, बल्कि इससे पेयजल के दूषित होने का खतरा भी बढ़ रहा है, जो सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है।

एसोसिएशन का कहना है कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार प्रशासन को आगाह किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली।

अब देरी की कोई गुंजाइश नहीं

एसोसिएशन ने सवाल उठाया कि जब यूटी प्रशासक को 100 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं को मंजूरी देने का अधिकार मिल चुका है, तो जल और सीवरेज लाइनों के चरणबद्ध प्रतिस्थापन में देरी क्यों हो रही है। संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद जनहित से जुड़े मुद्दों को टालना समझ से परे है।

‘सिस्टम फेलियर’ कहकर नहीं टाली जा सकती जिम्मेदारी

एसोसिएशन ने दो टूक कहा कि किसी भी अप्रिय घटना के बाद “सिस्टम फेलियर” का बहाना बनाना प्रशासन की जिम्मेदारी से बचने का तरीका नहीं हो सकता। जब समय रहते चेतावनी दी जा रही है, तो त्वरित निर्णय और ठोस कार्रवाई ही अच्छे शासन की पहचान होती है।

इंदौर की घटना को माना जाए वेक-अप कॉल

सेकेंड इनिंग्स एसोसिएशन ने चंडीगढ़ प्रशासन से अपील की है कि इंदौर की त्रासदी को एक गंभीर वेक-अप कॉल की तरह लिया जाए। किसी बड़े हादसे से पहले ही शहर की दशकों पुरानी जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में तुरंत कदम उठाए जाएं।

एसोसिएशन को उम्मीद है कि प्रशासक के नेतृत्व में चंडीगढ़ की इस गंभीर समस्या पर जल्द फैसला लिया जाएगा और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।