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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : प्रदेश के सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे 594 किलोमीटर के गंगा एक्सप्रेस-वे का मुख्य कैरिजवे पूरी तरह तैयार हो चुका है। अब अंतिम चरण में सुरक्षा से जुड़े कार्य तेज गति से कराए जा रहे हैं, ताकि आम जनता के लिए इसे सुरक्षित रूप से खोला जा सके।

मार्च तक पूरे होंगे सुरक्षा इंतजाम
वाहन चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 295 किलोमीटर हिस्से में पक्की चहारदीवारी और मेटल बीम क्रैश बैरियर लगाए जा रहे हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि यह काम मार्च तक हर हाल में पूरा हो जाए। इसके बाद अप्रैल में एक्सप्रेस-वे पर आवागमन शुरू करने की तैयारी है।

फेंसिंग की जगह बनेगी मजबूत दीवार
अन्य एक्सप्रेस-वे पर तारबाड़ को कई जगह काटे जाने की घटनाओं के बाद इस बार पक्की बाउंड्री वॉल बनाई जा रही है। इससे अनधिकृत प्रवेश रुकेगा और दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी। सुरक्षा मानकों को प्राथमिकता देते हुए ही इसका लोकार्पण किया जाएगा।

नए एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट्स को भी रफ्तार
सरकार ने अन्य प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे और लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं को भी गति देने के निर्देश दिए हैं। लक्ष्य है कि अक्टूबर तक इन परियोजनाओं का शिलान्यास सुनिश्चित किया जाए, जिससे प्रदेश का सड़क नेटवर्क और मजबूत हो सके।

औद्योगिक और आर्थिक विकास को मिलेगा बल
गंगा एक्सप्रेस-वे शुरू होने से पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे व्यापार, उद्योग और निवेश को नई ऊर्जा मिलेगी। साथ ही यात्रा का समय कम होने से आम लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी।