Prabhat Vaibhav, Digital Desk : बिहार के अन्नदाताओं के लिए सिंचाई व्यवस्था को लेकर एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। सोन नहर प्रमंडल, आरा के अंतर्गत आने वाले सिंचाई तंत्र को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए 56 करोड़ रुपये की एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की गई है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य 'हर खेत तक सिंचाई का पानी' पहुंचाना है, जिससे भोजपुर और रोहतास जिले के हजारों किसानों की किस्मत बदल जाएगी।
32 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई क्षमता होगी बहाल
सोन नहर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता चंदन कुमार के अनुसार, इस योजना का विस्तृत प्रतिवेदन (DPR) मुख्यालय भेज दिया गया है। इस परियोजना के क्रियान्वयन से लगभग 32,317 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई क्षमता को फिर से बहाल किया जाएगा। इससे न केवल खेती की लागत में कमी आएगी, बल्कि फसल उत्पादन में भी भारी वृद्धि होने की उम्मीद है।
नहरों की सफाई और 11 नए पुलों का होगा निर्माण
इस कायाकल्प योजना के तहत आरा मुख्य नहर से निकलने वाली दर्जनों वितरणियों (Distributaries) का जीर्णोद्धार किया जाएगा। योजना की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
सफाई और मरम्मत: असनी, धनुपुरा, चौरी, बिडियांच और कोइलवर सहित कई वितरणियों की गाद सफाई और बांधों की मरम्मत होगी।
पुल और पुलिया: क्षेत्र में आवागमन और पानी के बहाव को सुगम बनाने के लिए 11 नए पुल और पुलियों का निर्माण किया जाएगा।
फाल और आउटलेट: 21 स्थानों पर 'फाल' का पुनर्निर्माण होगा और 350 नए आउटलेट बनाए जाएंगे, ताकि पानी सीधे किसानों के खेतों तक पहुंच सके।
विशेष निर्माण: तार वितरणी में 6.70 किलोमीटर पर एक विशेष 'एल-डी सायफन' का निर्माण भी प्रस्तावित है।
इन प्रखंडों के किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
इस परियोजना के पूरा होने से दो प्रमुख जिलों के कई प्रखंड लाभान्वित होंगे:
भोजपुर जिला: पीरो, जगदीशपुर, बिहिया, आरा, उदवंतनगर, गड़हनी, अगिआंव, सहार, संदेश और तरारी।
रोहतास जिला: काराकाट और नासरीगंज।
जल संसाधन विभाग की प्राथमिकता
यह पूरी योजना जल संसाधन विभाग की नवीनतम अनुसूचित दरों पर आधारित है। विभाग का लक्ष्य है कि मानसून और अगली फसल सीजन से पहले मुख्य नहरों और उनकी उप-वितरणियों (जैसे RPC-2, RPC-3, LPC-B आदि) को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया जाए, ताकि टेल एंड (नहर के अंतिम छोर) तक पानी पहुंच सके और सिंचाई के अभाव में कोई भी खेत सूखा न रहे।




