Prabhat Vaibhav,Digital Desk : जाड़े की शुरुआत होते ही कई इलाकों में घना कोहरा देखने को मिलता है। ऐसे मौसम में खासकर सांस, हृदय और अन्य पुरानी बीमारियों से ग्रस्त लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सुनील तेवतिया ने इसको लेकर विशेष एडवाइजरी जारी की है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
किन लोगों को ज्यादा खतरा है?
बच्चे और बुजुर्ग
गर्भवती महिलाएं
पहले से दमा, हृदय रोग या अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति
कोहरे और बढ़ती ठंड के कारण इन समूहों में स्वास्थ्य समस्याएं जल्दी उभर सकती हैं। इसलिए उन्हें अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए।
घर से बाहर निकलते समय क्या करें?
अत्यंत आवश्यक होने पर ही बाहर निकलें।
गर्म और पूर्ण वस्त्र पहनें; खासकर सिर, गला, कान और हाथ-पैर ढककर रखें।
बच्चों और बुजुर्गों को सुबह और देर रात के समय बाहर जाने से बचाएं।
गुनगुना पानी पिएं और पौष्टिक, गर्म भोजन का सेवन करें।
सर्दी-खांसी या सांस संबंधी लक्षण दिखें तो स्वयं दवा न लें, बल्कि नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या चिकित्सक से संपर्क करें।
वायु प्रदूषण और सावधानियां
कोहरे के दौरान वायु प्रदूषण बढ़ जाता है, जिससे दमा, खांसी, सांस फूलना और एलर्जी जैसी समस्याएं और बढ़ सकती हैं।
खुले में अलाव या आग जलाते समय सतर्क रहें।
बंद कमरों में धुआं भरने से बचें।
यातायात और सड़क सुरक्षा
वाहन चलाते समय धीमी गति रखें।
फॉगलाइट (fog light) का प्रयोग करें।
दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट और गर्म कपड़े पहनने की सलाह।
पैदल चलने वाले लोग सड़क किनारे सतर्क रहें।
मुख्य संदेश
कोहरे के दौरान स्वास्थ्य समस्याओं को हल्के में न लें।
शासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
अपने और परिवार के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखें।




