Prabhat Vaibhav,Digital Desk : काशी और अयोध्या की तरह गोरक्षनगरी में भी अब होम स्टे और बेड एंड ब्रेकफास्ट नीति-2025 लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देना, निवासियों को आय के अवसर देना और शहर में सुरक्षित, किफायती ठहरने की व्यवस्था करना है।
पंजीकरण आसान, सुरक्षा और मानक सर्वोपरि
जिला प्रशासन ने पंजीकरण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया है। कमरे गोल्ड और सिल्वर श्रेणी में विभाजित हैं। गोल्ड में अटैच वाशरूम अनिवार्य, सिल्वर में साझा वाशरूम। ग्रामीण होम स्टे के लिए शुल्क मात्र 100 रुपये। सुरक्षा, अग्निशमन, स्वच्छता, बिजली और पुलिस सत्यापन को अनिवार्य किया गया है।
स्थानीय आय और स्वरोजगार बढ़ाने में मदद
होम स्टे से स्थानीय परिवारों को अतिरिक्त आय, महिलाओं को घर बैठे काम और युवाओं को आतिथ्य प्रबंधन प्रशिक्षण मिलेगा। पर्यटक स्थानीय संस्कृति, परंपरा और त्योहारों से परिचित होंगे। इससे गोरखपुर की पहचान और पर्यटन की पहुंच बढ़ेगी।
शहर और गांव दोनों में फैल रही योजना
योजना को शहर तक सीमित न रखकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी लागू किया जा रहा है। अधिकतम 12 शैय्या वाले छह कमरे वाले आवास पंजीकरण योग्य होंगे। किराए पर लिए भवन इस योजना में शामिल नहीं होंगे। पंजीकरण प्रमाणपत्र तीन साल के लिए वैध रहेगा।
पर्यटन में गोरखपुर का बढ़ता महत्व
2017: 24 करोड़ पर्यटक उत्तर प्रदेश में
2024: 65 करोड़ से अधिक पर्यटक
2025: 137 करोड़ घरेलू पर्यटक
पर्यटन में उत्तर प्रदेश का हिस्सा 13% से बढ़कर 19–20%
गोरखपुर काशी-अयोध्या मार्ग पर आने वाले पर्यटकों के लिए अहम पड़ाव बन रहा है।
प्रशासन की सक्रियता
डीएम दीपक मीणा ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि पंजीकरण और औपचारिकताओं में विलंब न हो। योजना का प्रचार-प्रसार बढ़ाने पर जोर दिया गया है।




