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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : मिडिल ईस्ट में चल रहा तनाव अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जहां से वापसी का रास्ता केवल तबाही की ओर जाता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अब तक की सबसे भयानक धमकी देते हुए कहा है कि यदि मंगलवार शाम तक कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका 'पूरे ईरान को नक्शे से मिटाने' की ताकत रखता है। दूसरी ओर, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को एक रणनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान का नया 'समुद्री ब्रह्मास्त्र'

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने ऐलान किया है कि होर्मुज जलमार्ग अब उनकी मर्जी से चलेगा। पिछले 24 घंटों में केवल उन 15 जहाजों को गुजरने की अनुमति दी गई जिन्हें ईरान ने 'पसंद' किया। ईरान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका और इजरायल के लिए यह रास्ता अब कभी 'सामान्य' नहीं होगा। दुनिया के कुल तेल और गैस की आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी संकीर्ण मार्ग से गुजरता है, और इस पर ईरान का नियंत्रण वैश्विक ऊर्जा बाजार को घुटनों पर ला सकता है।

ट्रंप का नया अल्टीमेटम: 'मंगलवार शाम तक का समय, फिर मचेगी तबाही'

एबीसी न्यूज (ABC News) को दिए एक विस्फोटक इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पुरानी समय सीमा को बढ़ाते हुए मंगलवार शाम तक का नया अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने कहा, "ईरान के पास समझौता करने के लिए पर्याप्त समय था। अगर वे अब भी नहीं मानते, तो हम उनके बिजली संयंत्रों, पुलों और पूरे बुनियादी ढांचे को मलबे के ढेर में बदल देंगे।" ट्रंप की भाषा से साफ है कि अमेरिका अब बड़े पैमाने पर हवाई हमलों की योजना बना चुका है।

'धमकियों से नहीं डरते' - ईरान ने उड़ाया ट्रंप का मजाक

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने ट्रंप की धमकियों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान के एक भी बुनियादी ढांचे पर हमला हुआ, तो उसका जवाब उसी स्तर पर और उससे भी घातक दिया जाएगा। सोशल मीडिया पर भी ईरानी दूतावासों ने ट्रंप के बयानों का मजाक उड़ाते हुए उन्हें कूटनीतिक रूप से घेरने की कोशिश की है। ईरान का दावा है कि 28 फरवरी से जारी इस संघर्ष में अमेरिका और इजरायल ने पहले ही उनके दर्जनों स्कूलों, विश्वविद्यालयों और नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाया है।

समंदर में छिड़ा 'मिसाइल वार', ब्रिटिश युद्धपोत पर हमला

युद्ध की आग अब समुद्र में भी फैल चुकी है। खबरों के मुताबिक, इजरायली तट के पास हिजबुल्लाह की एक एंटी-शिप मिसाइल से ब्रिटिश युद्धपोत को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि ब्रिटेन ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन इस घटना ने नौसैनिक संघर्ष को और गंभीर बना दिया है। इसी बीच, इजरायली सेना ने पुष्टि की है कि ईरान की ओर से दूसरा बड़ा मिसाइल हमला शुरू हो गया है, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।