Prabhat Vaibhav,Digital Desk : अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो हफ्ते के युद्धविराम के बावजूद पश्चिम एशिया में शांति स्थापित होती नहीं दिख रही है। लेबनान पर इजरायल के भीषण हमलों ने एक बार फिर कूटनीतिक कोशिशों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बीच, ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि वह इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की चालों का शिकार न बने। अराघची ने तंज कसते हुए कहा कि अमेरिका को 'मूर्ख' बनकर नेतन्याहू को शांति प्रक्रिया पटरी से उतारने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।
नेतन्याहू का 'जेल' डर और लेबनान में युद्ध: अराघची का बड़ा दावा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक तीखी पोस्ट में अराघची ने नेतन्याहू के भ्रष्टाचार मामलों का जिक्र किया। उन्होंने लिखा, "नेतन्याहू के आपराधिक मामले की सुनवाई रविवार (12 अप्रैल 2026) से फिर शुरू हो रही है। पूरे क्षेत्र और लेबनान में युद्धविराम होने का मतलब है कि उन्हें जल्द ही जेल की सजा हो सकती है।" ईरानी विदेश मंत्री का दावा है कि नेतन्याहू अपनी सत्ता और आजादी बचाने के लिए जानबूझकर युद्ध को खींच रहे हैं। उन्होंने अमेरिका को आगाह किया कि अगर उसने नेतन्याहू को नहीं रोका, तो इसका खामियाजा खुद अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भुगतना पड़ सकता है।
युद्धविराम के बीच 'ब्लैक वेडनेसडे': एक दिन में 300 से अधिक मौतें
ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद इजरायल ने लेबनान पर अब तक का सबसे भीषण हमला किया। बुधवार और गुरुवार को हुए इन हमलों में 300 से अधिक लोगों के मारे जाने और 1100 से अधिक के घायल होने की खबर है। इजरायली सेना (IDF) ने बेरूत में एक सर्जिकल स्ट्राइक कर हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम के भतीजे और निजी सचिव अली यूसुफ हर्षी को मारने का दावा किया है। इजरायल का कहना है कि यह युद्धविराम केवल ईरान के साथ है, हिजबुल्लाह के खिलाफ उसकी सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी।
ईरान की ग्लोबल लॉबिंग: रूस और फ्रांस से की इजरायल की शिकायत
ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने इस मुद्दे पर रूस, फ्रांस, स्पेन और जर्मनी के विदेश मंत्रियों से फोन पर लंबी चर्चा की। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से बात करते हुए उन्होंने दोहराया कि ईरान ने 'जिम्मेदार रुख' अपनाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को 2 सप्ताह के लिए खोलने का वादा पूरा किया है, लेकिन अगर अमेरिका अपनी प्रतिबद्धताओं से पीछे हटा, तो परिणाम गंभीर होंगे। वहीं, फ्रांस के विदेश मंत्री से बातचीत में उन्होंने इजरायल द्वारा युद्धविराम के उल्लंघन पर कड़ी आपत्ति जताते हुए अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग की है।




