img

Prabhat Vaibhav,Digital Desk : अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण सैन्य संघर्ष अब एक बेहद पेचीदा मोड़ पर आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक ऐसा दावा किया है जिसने पूरी दुनिया के राजनयिक गलियारों में खलबली मचा दी है। ट्रंप का कहना है कि ईरान के "नए राष्ट्रपति" ने उनसे युद्धविराम (Ceasefire) की गुहार लगाई है। हालांकि, ट्रंप ने इस शांति प्रस्ताव के बदले ऐसी शर्तें रख दी हैं, जो ईरान के लिए "आत्मसमर्पण" जैसी हैं।

ट्रंप की 'कड़ी शर्तें' और 'पाषाण युग' की धमकी

डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि वे युद्ध रोकने पर तभी विचार करेंगे जब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पूरी तरह से खुला, स्वतंत्र और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए सुरक्षित होगा। ट्रंप ने बेहद सख्त लहजे में कहा:

"अगर होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत नहीं खोला गया, तो हम ईरान को तबाह करना जारी रखेंगे और उन्हें उनके अपने शब्दों में 'पाषाण युग' (Stone Age) में वापस धकेल देंगे।"

होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इस युद्ध का केंद्र?

होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व का सबसे महत्वपूर्ण तेल गलियारा है। वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति का लगभग 20% से 25% इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है। युद्ध के कारण ईरान ने इस मार्ग पर अपना नियंत्रण कड़ा कर लिया है, जिससे दुनिया भर में ऊर्जा संकट पैदा हो गया है और तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। ट्रंप का पूरा जोर इसी रास्ते को अमेरिकी नियंत्रण या निगरानी में फिर से खुलवाने पर है।

ईरान का पलटवार: 'ट्रंप के दावे निराधार'

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने ट्रंप के इन दावों को "बेतुका" और "निराधार" बताकर खारिज कर दिया है। 'अल जज़ीरा' की रिपोर्ट के अनुसार, IRGC ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पूरी तरह से उनके नियंत्रण में है और वे अमेरिकी धमकियों के आगे नहीं झुकेंगे। ईरान का कहना है कि ट्रंप "मनोवैज्ञानिक युद्ध" (Psychological Warfare) खेल रहे हैं और "नए राष्ट्रपति" जैसी कोई आधिकारिक चर्चा नहीं हुई है।

'नए राष्ट्रपति' और 'सत्ता परिवर्तन' का रहस्य

ट्रंप के बयानों में सबसे बड़ी अनिश्चितता "नए राष्ट्रपति" शब्द को लेकर है। उन्होंने दावा किया है कि, "हमने ईरान में सत्ता परिवर्तन (Regime Change) कर दिया है।" हालांकि, जमीनी हकीकत और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में ईरान के भीतर किसी औपचारिक सत्ता परिवर्तन की पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान ईरान के नेतृत्व के भीतर फूट डालने या घरेलू स्तर पर अपनी जीत दिखाने की एक कोशिश हो सकती है।

नाटो और परमाणु कार्यक्रम पर ट्रंप का रुख

रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने दो और बड़े धमाके किए:

नाटो (NATO) से बाहर निकलना: ट्रंप ने दोहराया कि वे नाटो से अमेरिका को अलग करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं क्योंकि सहयोगी देश उम्मीद के मुताबिक साथ नहीं दे रहे हैं।

परमाणु कार्यक्रम: ट्रंप ने दावा किया कि उनके पास उपग्रहों के जरिए ईरान की हर गतिविधि पर नजर है और वे यह सुनिश्चित करेंगे कि ईरान कभी परमाणु बम न बना पाए।