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Prabhat Vaibhav,Digital Desk : अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध अब नागरिक ठिकानों और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) की तबाही के खौफनाक दौर में पहुंच गया है। गुरुवार को अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के गर्व और मिडिल ईस्ट के सबसे ऊंचे बी1 (B1) पुल पर भीषण बमबारी की। इस हमले ने न केवल ईरान के सामरिक संपर्क को तोड़ा है, बल्कि बड़ी संख्या में निर्दोष नागरिकों को भी अपनी चपेट में ले लिया है।

हमले का मंजर: उत्सव के बीच बरसी मौत

यह हमला उस समय हुआ जब स्थानीय लोग और पर्यटक 'प्रकृति दिवस' (Nature Day) का आनंद लेने के लिए पुल के आसपास एकत्र थे।

हताहत: ईरानी मीडिया के अनुसार, इस हमले में 8 नागरिकों की मौत हो गई है, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। वहीं, 95 लोग गंभीर रूप से घायल हैं जिनका इलाज चल रहा है।

तबाही: 136 मीटर ऊंचा यह पुल तेहरान को पश्चिमी शहर कराज (Karaj) से जोड़ता था। 40 करोड़ डॉलर की लागत से बना यह पुल अब मलबे के ढेर में तब्दील हो चुका है।

डोनाल्ड ट्रंप की "पाषाण युग" वाली अंतिम चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले के बाद एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी आक्रामकता को और कड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा:

"ईरान का सबसे बड़ा और गौरवशाली पुल अब ढह चुका है। इसका दोबारा इस्तेमाल कभी नहीं हो पाएगा। यह ईरान के लिए अंतिम मौका है कि वह बहुत देर होने से पहले समझौते की मेज पर आए, वरना एक महान राष्ट्र बनने की उसकी सारी उम्मीदें चकनाचूर हो जाएंगी।"

ट्रंप ने पहले ही ईरान को "पाषाण युग" (Stone Age) में भेजने की धमकी दी थी, और बी1 पुल पर हमला उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

ईरान का पलटवार: 8 देशों के पुल निशाने पर

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ईरान अपनी रक्षा के लिए हर संभव क्षमता का उपयोग करेगा। जवाबी कार्रवाई के रूप में ईरान की 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' (IRGC) ने खाड़ी देशों के 8 प्रमुख पुलों को उड़ाने की धमकी दी है:

देशसंभावित निशाने (पुल)
कुवैतशेख जाबेर अल-अहमद अल-सबाह समुद्री पुल
यूएईशेख जायद, अल मक़ता और शेख खलीफ़ा पुल
सऊदी-बहरीनकिंग फहद कॉज़वे
जॉर्डनकिंग हुसैन, दामिया और अब्दुन पुल

क्यों महत्वपूर्ण था बी1 पुल?

यह पुल केवल कंक्रीट का ढांचा नहीं था, बल्कि ईरान की आधुनिक इंजीनियरिंग का प्रतीक था।

ऊंचाई: 136 मीटर (मिडल ईस्ट का सबसे ऊंचा पुल)।

कनेक्टिविटी: तेहरान और कराज के बीच यातायात की जीवनरेखा।

आर्थिक झटका: 40 करोड़ डॉलर का सीधा नुकसान और व्यापारिक मार्ग का ठप होना।

स्थिति गंभीर: रिहायशी इलाकों तक पहुँचा युद्ध

विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है क्योंकि अब युद्ध सीधे तौर पर घरों, पुलों और आवासीय क्षेत्रों को निशाना बना रहा है। ईरान द्वारा खाड़ी देशों के पुलों को धमकी देने के बाद पूरे मध्य पूर्व में 'हाई अलर्ट' जारी कर दिया गया है। यदि ईरान ने जवाबी हमला किया, तो वैश्विक तेल आपूर्ति और यातायात पूरी तरह ध्वस्त हो सकता है।