Prabhat Vaibhav,Digital Desk : अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध (36वां दिन) अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज (4 अप्रैल 2026) एक बड़ा बयान देते हुए ईरान को सीधा अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को तुरंत नहीं खोला, तो अमेरिकी वायुसेना ईरान के बिजली संयंत्रों (Power Plants) पर भीषण हमले शुरू कर देगी।
1. होर्मुज जलडमरूमध्य: दुनिया की 'तेल नस' पर कब्जा
होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व व्यापार के लिए सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग है।
महत्व: दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का लगभग 20% इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है।
वर्तमान स्थिति: 28 फरवरी 2026 को युद्ध शुरू होने के बाद ईरान ने इस मार्ग को लगभग बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है।
ट्रंप का दावा: ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि अमेरिका के पास इतनी ताकत है कि वह बहुत कम समय में इस मार्ग को 'बलपूर्वक' फिर से खोल सकता है।
2. अब निशाने पर 'सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर' (नागरिक बुनियादी ढांचा)
ट्रंप के ताजा बयान से संकेत मिलता है कि अमेरिका अब अपनी युद्ध नीति बदल रहा है। अभी तक अमेरिका ने मुख्य रूप से सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था, लेकिन अब दायरा बढ़ रहा है:
बिजली संयंत्र (Power Plants): ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अगला निशाना ईरान की बिजली आपूर्ति व्यवस्था होगी। यदि बिजली संयंत्र नष्ट होते हैं, तो पूरे ईरान में अंधेरा छा जाएगा और संचार व्यवस्था ठप हो जाएगी।
पुलों पर हमला: हाल ही में अमेरिका ने ईरान के एक प्रमुख राजमार्ग पुल पर हमला किया था, जिसमें 8 लोगों की मौत हुई और 95 घायल हुए।
चेतावनी: ट्रंप ने कहा, "यह तो बस शुरुआत है, अभी तक हमने कोई व्यापक जमीनी आक्रमण (Comprehensive Invasion) शुरू नहीं किया है।"
3. ट्रंप के बदलते बयान और वैश्विक दबाव
टाइम्स ऑफ इज़राइल की रिपोर्ट के अनुसार, इस मुद्दे पर ट्रंप का रुख पिछले कुछ दिनों में कई बार बदला है:
शुरुआती रुख: पहले उन्होंने अन्य देशों (जैसे चीन और भारत) से अपील की थी कि वे इस मार्ग को खोलने में पहल करें क्योंकि वे तेल के लिए इस पर अधिक निर्भर हैं।
वर्तमान रुख: अब उन्होंने सीधे सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है, जो दर्शाता है कि कूटनीतिक रास्ते बंद हो रहे हैं।
4. ईरान में नेतृत्व का संकट?
ट्रंप ने अपने बयान में 'ईरान के नए नेतृत्व' का जिक्र किया और उन्हें जल्द फैसले लेने को कहा। हालांकि, जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान में अभी भी वही पुरानी शक्तिशाली सैन्य परिषद और धार्मिक नेता सत्ता पर काबिज हैं, जो झुकने के मूड में नहीं दिख रहे हैं।




