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Prabhat Vaibhav, Digital Desk : मध्य पूर्व में जारी भीषण तनाव और युद्ध के बीच एक बड़ी कूटनीतिक हलचल सामने आई है। ईरान ने वैश्विक तेल आपूर्ति की लाइफलाइन माने जाने वाले 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के लिए अमेरिका को एक नया शांति प्रस्ताव भेजा है। हालांकि, तेहरान ने इस प्रस्ताव के साथ एक ऐसी शर्त रखी है, जिसने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम को सोच में डाल दिया है। अब पूरी दुनिया की नजरें आज वॉशिंगटन में होने वाली 'सिचुएशन रूम' की बैठक पर टिकी हैं।

पर्दे के पीछे कूटनीति: परमाणु वार्ता पर नई शर्त

'एक्सियोस' की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए व्हाइट हाउस को यह प्रस्ताव पहुंचाया है। इस शांति प्रस्ताव की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ईरान ने परमाणु वार्ता (Nuclear Talks) को फिलहाल ठंडे बस्ते में डालने की बात कही है। ईरान का स्पष्ट कहना है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और युद्धविराम को स्थायी बनाने के लिए तैयार है, लेकिन परमाणु मुद्दों पर बातचीत तभी शुरू होगी जब अमेरिका अपनी आर्थिक नाकाबंदी (Economic Blockade) पूरी तरह हटा लेगा।

यूरेनियम संवर्धन पर ट्रंप की मांग और ईरानी अड़ियल रुख

सूत्रों के अनुसार, ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने मध्यस्थों को साफ कर दिया है कि समृद्ध यूरेनियम (Enriched Uranium) के भंडार को खत्म करने की ट्रंप की मांग पर ईरानी नेतृत्व के बीच कोई आम सहमति नहीं है। ईरान फिलहाल सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को प्राथमिकता दे रहा है और परमाणु शर्तों को भविष्य के लिए स्थगित करना चाहता है। यह ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि ट्रंप शुरू से ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त लगाम लगाने के पक्षधर रहे हैं।

सिचुएशन रूम में आज ट्रंप की 'सुपर मीटिंग'

ईरान के इस नए प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज, सोमवार (27 अप्रैल 2026) को 'सिचुएशन रूम' में अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति टीम के साथ एक हाई-लेवल बैठक करेंगे। इस बैठक का मुख्य एजेंडा ईरान के प्रस्ताव की समीक्षा करना और युद्ध के अगले चरण के विकल्पों पर विचार करना है। क्या ट्रंप परमाणु शर्तों को दरकिनार कर तेल व्यापार के लिए रास्ता खोलेंगे या ईरान पर दबाव और बढ़ाएंगे, यह इस बैठक के बाद साफ हो जाएगा।

वैश्विक बाजार को बड़ी राहत की उम्मीद

अगर यह समझौता सिरे चढ़ता है, तो वैश्विक तेल बाजार (Global Oil Market) के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी खुशखबरी होगी। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से कच्चे तेल की कीमतों में जो आग लगी है, वह शांत हो सकती है। हालांकि, कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप इतनी आसानी से परमाणु मुद्दे को पीछे छोड़ने के पक्ष में नहीं होंगे, जिससे समझौता अभी भी अधर में लटका नजर आ रहा है।